India AI Impact Summit 2026: मुंबई में नीता और मुकेश अंबानी ने अपनी बेटी ईशा अंबानी के साथ पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का गर्मजोशी से स्वागत किया. यह मुलाकात मित्रता, संवाद और कला-संस्कृति के सम्मान के इर्द-गिर्द केंद्रित रही. अंबानी परिवार का वैश्विक नेताओं से लंबे समय से गहरा जुड़ाव रहा है और इस विशेष शाम ने एक बार फिर मुंबई को कूटनीति, व्यापार और सांस्कृतिक मेल का प्रमुख केंद्र साबित किया.
दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट
कुछ ही दिनों बाद, 19 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में India AI Impact Summit 2026 आयोजित हुआ. थीम थी AI for Viksit Bharat. रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इसे भारत की तकनीकी यात्रा का निर्णायक अध्याय बताया. उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा.
एआई को लेकर दृष्टिकोण
मुकेश अंबानी ने AI को केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि ज्ञान और समृद्धि का आधुनिक स्रोत बताया. उनका कहना था कि यदि AI का सही और जिम्मेदार उपयोग किया जाए, तो यह दुनिया में बढ़ती असमानताओं को कम करने की ताकत रखता है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाला समय या तो कुछ शक्तिशाली देशों के हाथों में केंद्रित होगा, या फिर AI सभी के लिए नए अवसरों के द्वार खोल देगा.
भारत की डिजिटल ताकत
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत 21वीं सदी में एक प्रमुख AI महाशक्ति बनकर उभरेगा. आधार, यूपीआई जैसी डिजिटल पहलों, एक अरब से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और दुनिया में सबसे सस्ते डेटा ने भारत को मजबूत डिजिटल आधार दिया है. जियो के 500 मिलियन से ज्यादा ग्राहकों ने देश में कनेक्टिविटी को तेजी से बढ़ाया है और अब यही नेटवर्क AI आधारित बदलाव को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
अंबानी के तीन बड़े ऐलान
- जियो अब इंटरनेट युग से आगे बढ़कर इंटेलिजेंस युग में भारत को जोड़ेगा.
- रिलायंस और जियो अगले सात सालों में ₹10 लाख करोड़ का निवेश करेंगे.
- जियो इंटेलिजेंस देशभर में AI-रेडी डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी आधारित कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगा.
पांच सिद्धांतों पर चलेगा जियो इंटेलिजेंस- मुकेश अंबानी
मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो इंटेलिजेंस पांच सिद्धांतों पर चलेगा जिसमें उत्पादकता बढ़ाना, सभी भारतीय भाषाओं में समावेश, डेटा सुरक्षा, नई नौकरियां पैदा करना और मजबूत इकोसिस्टम बनाना. इसके लिए भारतीय संस्थानों और वैश्विक तकनीकी कंपनियों से साझेदारी की जाएगी.
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में एआई
जियो शिक्षा के क्षेत्र में JioShikshak, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए Jio ArogyaAI और कृषि के लिए JioKrishi जैसे AI आधारित समाधान विकसित कर रहा है. इन सेवाओं का उद्देश्य बच्चों, मरीजों और किसानों को उनकी अपनी स्थानीय भाषाओं में सटीक और आसान मदद उपलब्ध कराना है. वहीं JioBharatIQ के जरिए आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक सरल और तेज पहुंच मिल सकेगी.
मुकेश अंबानी ने कहा कि AI अब केवल तकनीक नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन का रूप ले रहा है और भारत वैश्विक दक्षिण तथा विकसित देशों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभा सकता है. मुंबई की सांस्कृतिक मुलाकात से लेकर दिल्ली में प्रस्तुत AI विजन तक, अंबानी परिवार ने कूटनीति, व्यापार और तकनीकी महत्वाकांक्षा का प्रभावशाली संयोजन दिखाया.

