India-America relations: अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो इस समय भारत दौरे पर है. इस दौरान अमेरिकी दूतावास में राष्ट्रीय दिवस स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी शामिल हुए और संबोधन दिया. उन्होंने कहा कि “अमेरिका की आजादी के घोषणा के 250वें साल के समारोह में आप सभी के साथ शामिल होकर बहुत खुशी हो रही है. सचिव मार्को रुबियो और राजदूत गोर को और उनके जरिए ट्रंप सरकार और अमेरिकी लोगों को हमारी शुभकामनाएं.
उन्होंने कहा कि आजादी के घोषणा ने ऐसे आइडिया दिए, जिन्होंने मॉडर्न दुनिया, इंडिविजुअल लिबर्टी, रूल ऑफ लॉ, फ्री स्पीच और अकाउंटेबल गवर्नेंस को आकार दिया. उन आइडियल्स ने दूसरी जगहों पर डेमोक्रेटिक मूवमेंट्स और आजादी की लड़ाइयों पर असर डाला. हमारे मामले में यह असर प्राकृतिक था क्योंकि भारत का एक बहुलवादी समाज के तौर पर लंबा इतिहास रहा है और इसमें परामर्श आधारित दृष्टिकोण भी रहा है.”
लोगों का आपस में जुड़ना हमारे संबंध की खास बात
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि “भारत और अमेरिका को आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ने में गहरी दिलचस्पी है. हमें आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस के बारे में हमेशा साफ रहना चाहिए, इसीलिए हमारा काउंटर-टेररिज्म सहयोग जरूरी है. उन्होंने कहा कि लोगों का आपस में जुड़ना भी हमारे संबंध की एक बहुत खास बात रही है. अमेरिका में रहने वाले भारतीय लोगों ने तकनीक, शैक्षणिक क्षेत्र, मेडिसिन, उद्यम और पब्लिक सर्विस में अमेरिकी समाज में बहुत बड़ा योगदान दिया है.”
उन्होंने कहा कि एक साल पहले पीएम मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमारी हमेशा रहने वाली साझेदारी को और बढ़ाने का रास्ता तय किया था. उनका लक्ष्य हमारे लोगों की उम्मीदों को पूरा करना था, ताकि वे एक अच्छा और खुशहाल भविष्य बना सकें और साथ ही दुनिया की भलाई भी कर सकें.
भारत अमेरिका संबंध के कई फायदे
इसके अलावा, विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “अमेरिका की आजादी की घोषणा के 250 साल पूरे होने के मौके पर अमेरिका राष्ट्रीय दिवस समारोह में सचिव मार्को रुबियो के साथ शामिल होकर खुशी हुई. राजनीतिक, लोकतांत्रिक, मार्केट इकॉनमी और ओपन सोसाइटी के तौर पर, भारत और अमेरिका के कई फायदे और मेल हैं. इसके साथ ही इस बात पर और जोर दिया गया कि कैसे एक रणनीतिक साझेदारी के मजबूत लिंक कई तरह के डोमेन में मजबूत होते जा रहे हैं.”

