FY26 की तीसरी तिमाही में भारत का कैपेक्स 23.4% घटा, GDP ग्रोथ पर पड़ सकता है असर: ICRA रिपोर्ट

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

FY25-26 की तीसरी तिमाही में भारत के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में सालाना आधार पर 23.4% की गिरावट दर्ज की गई है. यह खुलासा रविवार को जारी आईसीआरए की ताजा रिपोर्ट में हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार के खर्च में कमी के चलते इस तिमाही में आर्थिक वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है. हालांकि, त्योहारों के दौरान बढ़ी मांग और राज्यों द्वारा बढ़ाए गए पूंजीगत खर्च से समग्र आर्थिक गतिविधियों को कुछ सहारा मिलने की उम्मीद है.

राज्यों का प्रदर्शन रहा बेहतर

वहीं, राज्य सरकारों ने बेहतर प्रदर्शन दिखाया. 24 राज्यों के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उनकी संयुक्त पूंजीगत व्यय और शुद्ध ऋण में तीसरी तिमाही में 21.9% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछली तिमाही की गिरावट के बाद सुधार दर्शाता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्ण रूप से देखा जाए तो, इन राज्यों का कुल कैपेक्स दूसरी तिमाही के 1.8 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर तीसरी तिमाही में 2.1 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो लगभग केंद्र सरकार के पूंजीगत खर्च के बराबर है.

संयुक्त सरकारी खर्च में हल्की कमी

कुल मिलाकर, FY25-26 की तीसरी तिमाही में केंद्र और राज्य सरकारों का संयुक्त पूंजीगत व्यय 4.2 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 4.4 लाख करोड़ रुपये की तुलना में थोड़ा कम है. दूसरी तिमाही में दर्ज 16.7% की मजबूत बढ़ोतरी के बाद यह गिरावट खर्च की रफ्तार के सामान्य होने का संकेत देती है. आईसीआरए के अनुसार, इसी वजह से तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर घटकर लगभग 7.2% रहने का अनुमान है, जबकि पिछली तिमाही में यह 8.2% दर्ज की गई थी.

GDP वृद्धि 7% से ऊपर रहने की उम्मीद

हालांकि, इस नरमी के बावजूद वृद्धि दर 7% से ऊपर रहने की उम्मीद है, जिसे मजबूत त्योहारों की मांग और जीएसटी सुधार के लाभ का सहारा मिलेगा. आईसीआरए की मुख्य अर्थशास्त्री और रिसर्च प्रमुख अदिति नायर ने कहा कि नए आधार वर्ष के तहत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाना अभी भी चुनौतीपूर्ण है. उन्होंने कहा, लगातार धीमी पड़ती वृद्धि के कारणों में प्रतिकूल आधार प्रभाव, सरकारी पूंजीगत खर्च में कमी, राज्य सरकारों के राजस्व खर्च में सुस्ती और कमजोर माल निर्यात शामिल हैं.

राजस्व खर्च में गिरावट की रफ्तार कम

राजस्व के मोर्चे पर केंद्र सरकार के गैर-ब्याज राजस्व व्यय में गिरावट की गति काफी धीमी पड़ गई है. तीसरी तिमाही में यह सालाना आधार पर 3.5% कम हुआ, जबकि दूसरी तिमाही में इसमें 11.2% की तेज गिरावट देखी गई थी. वहीं, 24 राज्यों का संयुक्त गैर-ब्याज राजस्व खर्च 2.7% बढ़ा, हालांकि इसकी रफ्तार पिछली तिमाही की तुलना में कम रही. कुल मिलाकर केंद्र और राज्यों का संयुक्त गैर-ब्याज राजस्व व्यय तीसरी तिमाही में 0.3% बढ़ा, जबकि दूसरी तिमाही में इसमें मामूली कमी दर्ज की गई थी.

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