भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई दर 4.6% रहने का अनुमान जताया है. अच्छी रबी फसल से राहत की उम्मीद है, लेकिन ऊर्जा कीमतों और वैश्विक तनाव के कारण जोखिम बरकरार हैं. जानें RBI गवर्नर के बयान और पूरी आर्थिक तस्वीर.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.6% कर दिया है, जिससे अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं. हालांकि FY27 के लिए ग्रोथ में थोड़ी नरमी की आशंका जताई गई है. जानें महंगाई, निवेश, वैश्विक जोखिम और RBI गवर्नर के बयान से जुड़ा पूरा अपडेट.
फरवरी 2026 में भारत का कुल निर्यात (वस्तु और सेवा) सालाना आधार पर 11.05 प्रतिशत बढ़कर 76.13 अरब डॉलर हो गया. सेवाओं के निर्यात में तेज वृद्धि इसका प्रमुख कारण रही.
भारत में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर फरवरी 2026 में बढ़कर 2.13 प्रतिशत हो गई. खाद्य उत्पादों, गैर-खाद्य वस्तुओं और मैन्युफैक्चरिंग कीमतों में वृद्धि इसकी प्रमुख वजह रही.
एसबीआई रिसर्च के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8–8.1 प्रतिशत रह सकती है. मजबूत घरेलू मांग और खपत के कारण अर्थव्यवस्था ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद गति बनाए रखी है.
ICRA की रिपोर्ट के मुताबिक FY26 की तीसरी तिमाही में भारत के कैपेक्स में 23.4% गिरावट आई. हालांकि राज्यों के बढ़े खर्च और त्योहारी मांग से अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सकता है.
केंद्र सरकार ने Startup India Fund of Funds 2.0 के तहत 10,000 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी है. इस योजना का उद्देश्य स्टार्टअप्स को पूंजी, नवाचार और रोजगार सृजन में मदद देकर भारत को वैश्विक स्टार्टअप हब बनाना है.