India Office Market 2026: भारत के ऑफिस रियल एस्टेट बाजार में 2026 में मजबूत ग्रोथ देखने को मिल रही है. ग्रेड A ऑफिस स्पेस की मांग इस साल 70-75 मिलियन स्क्वायर फीट रहने का अनुमान है, जबकि नई आपूर्ति 60-65 मिलियन स्क्वायर फीट के बीच रह सकती है. यह जानकारी कोलियर्स की ताजा रिपोर्ट में सामने आई है.
जीसीसी बन रहे ग्रोथ का बड़ा इंजन
रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) अब सिर्फ बैक-ऑफिस नहीं रह गए हैं, बल्कि इनोवेशन और टेक्नोलॉजी आधारित केंद्रों में बदल चुके हैं. 2026 में GCCs करीब 30-35 मिलियन स्क्वायर फीट की लीजिंग को बढ़ावा देंगे, जो कुल ग्रेड A ऑफिस स्पेस की मांग का 40-50 प्रतिशत होगा. टेक्नोलॉजी, BFSI, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इनकी भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है.
बेंगलुरु रहेगा सबसे आगे
अनुमान के अनुसार 2026 में भी बेंगलुरु भारतीय ऑफिस बाजार में शीर्ष स्थान पर बना रहेगा. यह शहर कुल लीजिंग गतिविधि और नई आपूर्ति में लगभग एक-तिहाई का योगदान देगा. इसके अलावा हैदराबाद और दिल्ली-NCR में भी 10 मिलियन स्क्वायर फीट से अधिक मांग और नई सप्लाई देखने को मिल सकती है.
2030 तक बड़ा लक्ष्य
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक भारत का ग्रेड A ऑफिस स्टॉक 1 बिलियन स्क्वायर फीट के आंकड़े को पार कर जाएगा. मजबूत मांग के चलते प्रमुख शहरों में रिक्ति दर घटने और किराए में बढ़ोतरी की संभावना है. 2026 में फ्लेक्स स्पेस ऑपरेटरों द्वारा 15-18 मिलियन स्क्वायर फीट तक लीजिंग होने का अनुमान है, जो कुल लीजिंग का 20-25 प्रतिशत हो सकता है. इसके साथ ही रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) के जरिए इस सेक्टर में छोटे निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ेगी, जिससे कमर्शियल रियल एस्टेट का दायरा और विस्तृत होगा.
विशेषज्ञों की राय
कोलियर्स इंडिया के प्रबंध निदेशक अर्पित मेहरोत्रा के अनुसार, GCC विस्तार, फ्लेक्स स्पेस की उपलब्धता और प्रतिभा केंद्रों के बढ़ने से ऑफिस स्पेस की मांग लगातार बढ़ेगी. वहीं, शोध प्रमुख विमल नादर का कहना है कि जो डेवलपर्स डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान देंगे, वही लंबे समय तक बाजार में मजबूत बने रहेंगे.
यह भी पढ़े: Crude Oil Price Surge: होर्मुज संकट का असर, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, ब्रेंट 3% चढ़ा