Source Code Controversy: सरकार ने एक अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठन की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि सरकार स्मार्टफोन कंपनियों पर अपना सोर्स कोड साझा करने का दबाव बना रही है और इसके लिए सॉफ्टवेयर में बड़े बदलाव करने की योजना बना रही है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि एप्पल और सैमसंग जैसी प्रमुख कंपनियां इस कदम का विरोध कर रही हैं. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, इन न्यूज रिपोर्ट्स में न तो किसी स्मार्टफोन कंपनी का बयान दिया गया है और न ही उन उद्योग संगठनों का, जो इन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
सरकार ने गलत रिपोर्ट को किया खारिज
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, इन रिपोर्टों ने जानबूझकर उद्योग संगठन की बातों को नजरअंदाज किया है, जिससे साफ लगता है कि खबर को सनसनीखेज बनाने की कोशिश की गई है. सरकार ने साफ किया है कि वह साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और नागरिकों की निजी जानकारी की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. मोबाइल सुरक्षा से जुड़े प्रभावी और संतुलित नियम तैयार करने के लिए सभी संबंधित पक्षों से लगातार बातचीत की जा रही है. यह परामर्श सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और उद्योग के बीच नियमित संवाद का हिस्सा हैं.
Digital Security पर सरकार का फोकस
मंत्रालय लगातार ऐसे कदम उठा रहा है, जिससे तेजी से बदलते डिजिटल वातावरण में उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बनी रहे और उनका डेटा सुरक्षित रह सके. मंत्रालय ने बताया, हम नियमित रूप से सुरक्षा नियमों, इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप और अनुकूलता मानकों, भारतीय भाषाओं के समर्थन, इंटरफेस की जरूरतों और सुरक्षा मानकों जैसे विषयों पर चर्चा करते हैं. इन चर्चाओं के बाद उद्योग के साथ सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बात होती है.
तकनीकी मुद्दों पर समाधान की कोशिश
मंत्रालय ने कहा कि वह उद्योग से जुड़े लोगों के साथ मिलकर काम कर रहा है और उनकी चिंताओं को सकारात्मक तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रहा है. इसके तहत सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहा है, ताकि तकनीकी समस्याओं, नियमों के पालन में आने वाली दिक्कतों और दुनिया में अपनाए जा रहे अच्छे तरीकों को समझा जा सके. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उद्योग की ओर से उठाई गई सभी वाजिब और महत्वपूर्ण चिंताओं पर खुले तौर पर विचार किया जाएगा, ताकि देश और उद्योग, दोनों के हित सुरक्षित रह सकें.
ICEA ने दी सफाई
इससे पहले भारत के स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने भी सोर्स कोड शेयरिंग से जुड़ी खबरों को लेकर फैली चिंताओं को कम करने की कोशिश की थी. उद्योग का कहना था कि यह विषय लंबे समय से चल रही बातचीत का हिस्सा है और इसे किसी नई या तुरंत लागू होने वाली नीति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) ने भी कहा था कि सरकार और उद्योग के बीच इस मुद्दे पर कई वर्षों से चर्चा हो रही है और इसे अचानक किसी नीति बदलाव के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए.
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