प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत की सौर ऊर्जा क्षेत्र में हासिल की गई बड़ी उपलब्धि पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि देश ने अब तक की सबसे ज्यादा वार्षिक सोलर कैपेसिटी जोड़ने का रिकॉर्ड बनाया है. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया दी और इसे भारत की ऊर्जा यात्रा में एक अहम मील का पत्थर बताया.
एक साल में 45 गीगावाट सोलर क्षमता का इजाफा
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने अपने लेख में बताया कि भारत ने वर्ष 2025-26 के दौरान करीब 45 गीगावाट सोलर क्षमता जोड़ी है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी है. यह उपलब्धि भारत को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्लीन एनर्जी बाजारों में मजबूती से स्थापित करती है. उन्होंने कहा कि यह प्रगति ऊर्जा सुरक्षा, सतत विकास और विकसित भारत के लक्ष्य के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
राज्यों की अहम भूमिका और बड़े प्रोजेक्ट्स
इस रिकॉर्ड उपलब्धि में राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जहां बड़े पैमाने पर सोलर प्रोजेक्ट्स स्थापित किए गए हैं. इन राज्यों में जमीन, इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन के चलते तेजी से विकास संभव हो पाया है.
मार्च 2026 में रिकॉर्ड मासिक बढ़ोतरी
मार्च 2026 में ही 6.65 गीगावाट की सोलर क्षमता जोड़ी गई, जो एक महीने में अब तक का सबसे बड़ा इजाफा है. यह यूटिलिटी-स्केल और डिस्ट्रिब्यूटेड सोलर प्रोजेक्ट्स में बेहतर कार्यान्वयन और तेजी को दर्शाता है.
नीतिगत सुधार और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा
यह उपलब्धि इस बात का भी संकेत है कि देश में घरेलू निर्माण, ग्रिड एकीकरण और नीतिगत समर्थन में लगातार सुधार हुआ है. भारत पहले ही 150 गीगावाट से अधिक सोलर क्षमता का आंकड़ा पार कर चुका है और यह नई उपलब्धि रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को और मजबूती देगी, साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करेगी.
निवेश और नए अवसरों को मिलेगा बढ़ावा
राज्यों में तेजी से बढ़ रहे सोलर प्रोजेक्ट्स के कारण ट्रांसमिशन नेटवर्क, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और सोलर उपकरण निर्माण में निवेश बढ़ने की उम्मीद है. इससे मॉड्यूल, इन्वर्टर और अन्य उपकरणों के निर्यात के नए अवसर भी पैदा होंगे.
सेक्टर की मजबूत वित्तीय स्थिति
इस बीच, सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को 115 करोड़ रुपए का डिविडेंड चेक सौंपा है, जो इस क्षेत्र की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है.
वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती स्थिति
प्रल्हाद जोशी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार भारत अब ब्राजील को पीछे छोड़ते हुए रिन्यूएबल एनर्जी इंस्टॉल्ड कैपेसिटी के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है. उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई 2025 में भारत ने बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी हासिल की थी, जब कुल मांग का 51.5 प्रतिशत हिस्सा इसी से आया था.
नॉन-फॉसिल क्षमता में भी बड़ी उपलब्धि
31 मार्च 2026 तक देश में गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से कुल 283.46 गीगावाट क्षमता स्थापित की जा चुकी है. यह आंकड़ा भारत के स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेजी से बढ़ते कदमों को दर्शाता है.
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