केंद्रीय राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील से दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को और मजबूती मिलेगी. अरविंद श्रीवास्तव ने अपने बयान में कहा कि इस समझौते के जरिए अमेरिकी बाजार में भारत के श्रम आधारित उद्योगों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए नए अवसर खुलेंगे. इसके साथ ही हाई और एडवांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ावा मिलेगा.
अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ घटाकर 18% किया
एक ऐतिहासिक फैसले में अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर लगने वाला टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18% कर दिया है. इसे भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, जहां भारत अपने कुल निर्यात का करीब 20 प्रतिशत सामान भेजता है. विशेषज्ञों का कहना है कि टैरिफ कम होने से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा और अमेरिका के साथ भारत का ट्रेड सरप्लस फिर से मजबूत हो सकता है.
ट्रेड डील से अनिश्चितता काफी हद तक खत्म
इससे पहले एफआईसीसीआई के यूनियन बजट 2026-27 सम्मेलन में आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर ने कहा था कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा से काफी हद तक अनिश्चितता खत्म हुई है. अनुराधा ठाकुर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत और स्थिर बनी हुई है. उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है, लेकिन इसके बावजूद देश की मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति मजबूत है.
नागराजू बोले: टैरिफ घटने से कारोबारियों को राहत और भरोसा
उन्होंने सरकार की समझदारी भरी वित्तीय नीतियों और मजबूत बैंकिंग सिस्टम को लंबे समय की ग्रोथ का कारण बताया. वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू ने कहा कि ट्रेड डील के बाद वैश्विक आर्थिक स्थिति अब ज्यादा साफ हो गई है. उन्होंने इसे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर छाए एक बड़े काले बादल के हटने जैसा बताया. नागराजू ने उद्योग जगत से सकारात्मक बने रहने की अपील करते हुए कहा कि सरकार ने पहले ही ज्यादा टैरिफ के असर को कम करने के लिए कदम उठाए थे. अब टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत होने से कारोबारियों को राहत और भरोसा मिला है.
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