Stock Market Outlook 2026: भारतीय शेयर बाजार के लिए ‘Goldilocks Year’, 11% रिटर्न की उम्मीद

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Stock Market Outlook 2026: रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 भारतीय शेयर बाजार के लिए ‘गोल्डीलॉक्स ईयर’ साबित हो सकता है, यानी बाजार में न तो अत्यधिक गिरावट की आशंका है और न ही जरूरत से ज्यादा तेजी, बल्कि निवेश के लिए एक संतुलित और अनुकूल माहौल बनने की संभावना है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में मजबूत आर्थिक वृद्धि, ब्याज दरों में संभावित कटौती, रुपये में स्थिरता और वैश्विक स्तर पर जोखिम कम होने से शेयर बाजार को समर्थन मिल सकता है.

इन सेक्टर्स से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

इस दौरान मेटल, बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं (BFSI), पूंजीगत सामान (कैपिटल गुड्स) और रक्षा क्षेत्र से जुड़े शेयरों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है. एचडीएफसी सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में निफ्टी कंपनियों की कमाई करीब 16 प्रतिशत बढ़ सकती है, जिसके आधार पर 2026 में बाजार से लगभग 11 प्रतिशत रिटर्न की उम्मीद जताई गई है. साल के अंत तक निफ्टी का लक्ष्य 28,720 निर्धारित किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 में भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार की नीतियों से घरेलू मांग को सपोर्ट मिलेगा.

मौद्रिक नीतियों और वैश्विक हालात से मिलेगा सहारा

ब्याज दरों में कटौती, सीआरआर में कमी और बाजार में नकदी बढ़ाने जैसे कदमों से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में व्यापार से जुड़ी अनिश्चितता भी कम होने की उम्मीद है. टैरिफ में संभावित राहत और 2026 की शुरुआत में भारत-अमेरिका के बीच किसी व्यापार समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार को सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते समय में शेयरों की कीमतों में आई गिरावट और विदेशी निवेशकों की घटती हिस्सेदारी के चलते आगे बाजार में तेजी की गुंजाइश बनी हुई है.

घरेलू निवेशकों का मजबूत समर्थन, विदेशी निवेश की वापसी संभव

वहीं, रिकॉर्ड स्तर पर जारी एसआईपी निवेश और नए डीमैट खातों में हो रही बढ़ोतरी से घरेलू निवेशकों का समर्थन लगातार मजबूत बना हुआ है. साल 2025 में जहां निवेश का झुकाव उत्तर एशिया की ओर ज्यादा रहा और भारत से विदेशी निवेशकों ने पूंजी निकाली, वहीं 2026 में इस रुझान में बदलाव आ सकता है और भारत में दोबारा विदेशी निवेश आने की संभावना जताई गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, एआई भविष्य में भी एक बड़ा विषय बना रहेगा, जिससे निवेश, उत्पादन क्षमता और कामकाज की गति में बढ़ोतरी होगी. मेटल सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है.

इंफ्रा और कैपिटल गुड्स को मिलेगा सरकारी खर्च का लाभ

इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के खर्च, नई फैक्ट्रियों की स्थापना और दुनिया भर में कमोडिटी की मांग बढ़ने से मेटल सेक्टर को मजबूती मिल सकती है. पूंजीगत सामान बनाने वाली कंपनियों को भी सरकारी खर्च से फायदा मिल सकता है. हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी कहा कि इन शेयरों की कीमतों को लेकर निवेशकों को थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 के दूसरे हिस्से में आईटी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सहारे सुधार देखने को मिल सकता है.

जोखिम भी बरकरार, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह

इसके साथ ही उपभोग आधारित क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे रिकवरी और प्रीमियम उत्पादों की मांग बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे को समर्थन मिल सकता है. हालांकि, रिपोर्ट ने कुछ जोखिमों को लेकर सावधानी भी बरतने को कहा है. अगर एआई को लेकर बनी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं, तो बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है. इसके अलावा वैश्विक स्तर पर बढ़ता कर्ज, ऋण संकट और 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के IPO आने से सेकेंडरी मार्केट में नकदी पर दबाव पड़ने की आशंका भी जताई गई है.

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