LPG Rate Today on August 14, 2026: महीने की शुरुआत में LPG सिलेंडर की कीमतों में बड़ी राहत मिलने के बाद अब 14 अगस्त को उपभोक्ताओं के लिए कीमतें स्थिर रखी गई हैं. सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने आज घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है. वहीं, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें भी जस की तस हैं. हालांकि, इससे पहले महीने की पहली तारीख को कमर्शियल LPG सिलेंडर के रेट में 192 रुपये की बड़ी कटौती की गई थी.
शहरवार LPG सिलेंडर के ताजा रेट
14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है. अलग-अलग शहरों में सिलेंडर के दाम इस प्रकार हैं:
| शहर | 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर | 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर |
|---|---|---|
| दिल्ली | 942 रुपये | 2,738 रुपये |
| मुंबई | 941.50 रुपये | 2,691.50 रुपये |
| नोएडा | 939.50 रुपये | 2,738 रुपये |
| जयपुर | 945.50 रुपये | 2,765.50 रुपये |
| हैदराबाद | 994 रुपये | 2,985 रुपये |
| पटना | 1,031.50 रुपये | 3,018 रुपये |
| चंडीगढ़ | 951.50 रुपये | 2,760 रुपये |
| कोलकाता | 968 रुपये | 2,872.50 रुपये |
LPG को लेकर भारत की आगे की रणनीति क्या है?
भारत दुनिया के सबसे बड़े LPG उपभोक्ताओं में शामिल है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश अपनी LPG सप्लाई के स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है. इसी रणनीति के तहत भारत 2027 के लिए सालाना कॉन्ट्रैक्ट के जरिए अमेरिका से ज्यादा मात्रा में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) खरीदने को लेकर बातचीत कर रहा है. मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार ने सरकारी रिफाइनिंग कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन – को 2027 के लिए अमेरिकी टर्म कॉन्ट्रैक्ट के जरिए भारत के कुल LPG आयात का कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा हासिल करने के निर्देश दिए हैं.
अमेरिका बन रहा भारत का बड़ा LPG सप्लायर
अमेरिका धीरे-धीरे भारत के प्रमुख LPG सप्लायर्स में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है. इस साल अगस्त तक अमेरिका से रिकॉर्ड 3.9 मिलियन टन LPG की सप्लाई भारत को हो चुकी है. रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी रिफाइनरी कंपनियां संभावित सप्लायर्स और उनके ऑफर्स का मूल्यांकन करने के बाद अमेरिकी LPG की खरीद के लिए एक संयुक्त टेंडर जारी करने की योजना बना रही हैं. अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार भारत को एनर्जी एक्सपोर्ट बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. भारत दुनिया के बड़े तेल और गैस आयातकों में शामिल है, ऐसे में अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों के लिए भारतीय बाजार महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि, दोनों देशों के बीच पिछले साल से चल रही ट्रेड डील को लेकर बातचीत पर अभी तक कोई अंतिम मुहर नहीं लगी है.
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