LPG Supply Update: देश में एलपीजी की बढ़ती मांग, वैश्विक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने बड़ा अपडेट जारी किया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि मौजूदा हालात के बावजूद देश में एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है और इसे प्राथमिकता के आधार पर बनाए रखा जा रहा है.
हाल ही में ऑटो एलपीजी की बिक्री में जो तेज उछाल देखने को मिला है, उसने यह साफ कर दिया है कि परिवहन और घरेलू दोनों सेक्टर में गैस की खपत तेजी से बढ़ रही है. वहीं सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.
ऑटो एलपीजी की बिक्री में बड़ा उछाल
मंत्रालय के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की औसत ऑटो एलपीजी बिक्री अप्रैल महीने में बढ़कर 282 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गई है. फरवरी में यही आंकड़ा 177 मीट्रिक टन प्रतिदिन था. यानी सिर्फ दो महीनों में ऑटो एलपीजी की खपत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह बढ़त इस बात का संकेत है कि सरकार परिवहन क्षेत्र में भी गैस की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने में सफल रही है.
कमर्शियल और छोटे सिलेंडर की बढ़ी मांग
कमर्शियल एलपीजी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. इस साल 14 मार्च से अब तक कुल 1,34,226 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी बेची जा चुकी है. इसमें 8000 मीट्रिक टन से अधिक ऑटो एलपीजी शामिल है. इसके अलावा, 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री में भी उछाल आया है.
23 मार्च से अब तक 14.6 लाख से ज्यादा छोटे सिलेंडर बेचे गए हैं. इनका उपयोग मुख्य रूप से प्रवासी मजदूर और छोटे व्यवसाय करते हैं, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी होती हैं.
सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने के लिए बनी विशेष समिति
एलपीजी की आपूर्ति और वितरण को बेहतर बनाने के लिए Indian Oil Corporation, Hindustan Petroleum और Bharat Petroleum के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है. यह समिति राज्य सरकारों, स्थानीय प्रशासन और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर काम कर रही है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी क्षेत्र में गैस की कमी न हो.
पीएनजी की ओर तेजी से बढ़ रहा रुझान
सरकार अब एलपीजी के साथ-साथ पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी को भी बढ़ावा दे रही है. मार्च 2026 से अब तक करीब 4.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शनों में गैस सप्लाई शुरू की जा चुकी है. करीब 5 लाख उपभोक्ताओं ने नए कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. इसके साथ ही 34,200 से ज्यादा लोगों ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं. यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मिडिल ईस्ट में चल रहे विवाद के कारण एलपीजी के आयात पर असर पड़ा है, जिससे सरकार वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को प्राथमिकता दे रही है.
जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ बड़ा अभियान
सरकार ने एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त अभियान शुरू कर दिया है. मंगलवार को देशभर में 2,100 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की गई. इस दौरान करीब 450 सिलेंडर जब्त किए गए. सरकारी तेल कंपनियों ने अचानक निरीक्षण को और तेज कर दिया है. अब तक 237 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि 58 डिस्ट्रीब्यूटरशिप को सस्पेंड कर दिया गया है. यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सरकार किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर बिल्कुल सख्त रुख अपनाए हुए है.
जरूरी सेवाओं को दी जा रही प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात के बावजूद घरेलू एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है. खासतौर पर अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और जरूरी सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों को गैस की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी है. इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आवश्यक सेवाओं पर कोई असर न पड़े.
आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की अतिरिक्त खरीदारी न करें. लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें. साथ ही एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और डिस्ट्रीब्यूटर के पास भीड़ लगाने से बचें.
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