FY26 की पहली तिमाही में भारत में 2-5% रहेगी खनन और निर्माण उद्योग की वृद्धि दर: Report

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
भारत का खनन और निर्माण उद्योग (MCE) FY26 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 2-5% की दर से बढ़ सकता है. मंगलवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. ICRA की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय निर्माण उपकरण निर्माता संघ (ICEMA) द्वारा जारी प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, गतिविधियों में इजाफे के कारण वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में निर्माण से जुड़े वाहनों की वॉल्यूम 1.43 से 1.47 लाख यूनिट्स रह सकती है.

खनन और निर्माण उद्योग की मात्रा में वृद्धि को मिलेगा बल

रिपोर्ट में बताया गया कि निर्माण से जुड़े वाहनों की घरेलू वॉल्यूम FY26 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 4% कम हुई है, जबकि निर्यात वॉल्यूम सालाना आधार पर 31% बढ़ी है. आईसीआरए को FY26 की दूसरी तिमाही में विशेष रूप से सरकार द्वारा नए आवंटन से गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में उद्योगों में औद्योगिक और वेयरहाउसिंग निर्माण की मांग जारी रहेगी, जिससे खनन और निर्माण उद्योग की मात्रा में वृद्धि को बल मिलेगा.

बेमौसम बारिश ने निर्माण और खनन गतिविधियों को किया बाधित

आईसीआरए की कॉर्पोरेट रेटिंग्स की सेक्टर प्रमुख रितु गोस्वामी (Ritu Goswami) ने कहा, देश के कुछ क्षेत्रों में मानसून के जल्दी आने और बेमौसम बारिश ने FY26 की पहली तिमाही में निर्माण और खनन गतिविधियों को बाधित किया, जो इस अवधि के दौरान कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा रिपोर्ट किए गए स्थिर उत्पादन आंकड़ों में भी दिखता है. उन्‍होंने आगे कहा, नए आवंटनों की धीमी गतिविधि और सड़क निर्माण और जल जीवन मिशन परियोजनाओं में मंदी ने अर्थमूवर सेगमेंट की मांग को भी प्रभावित किया है, जो भारतीय MCE क्षेत्र की मांग का एक बड़ा हिस्सा है.

FY26 की पहली तिमाही में निर्यात में 31% की वृद्धि

रिपोर्ट में कहा गया है कि FY26 की पहली तिमाही में निर्यात में 31% की वृद्धि बैकहो लोडर, एक्सकेवेटर और स्किड स्टीयर लोडर के कारण हुई है, इनका कुल निर्यात मात्रा में 76 प्रतिशत का योगदान रहा. संयुक्त राज्य अमेरिका वैश्विक स्तर पर शीर्ष दो एमसीई बाजारों में से एक है और भारत में निर्मित एमसीई और संबंधित घटकों के लिए शीर्ष पांच निर्यात स्थलों में शुमार है. रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में पूंजीगत व्यय के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAYG) जैसी प्रमुख पहलों पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे आगामी तिमाहियों में गतिविधियों में तेजी आएगी.
Latest News

Gold Silver Price Today:  भारी उछाल के बाद सोने-चांदी की कीमतों पर लगा ब्रेक, जानें रेट 

Gold Silver Price Today: अगर आप सोने चांदी की खरीदारी करने की सोच रहे हैं, या फिर सोने चांदी में...

More Articles Like This

Exit mobile version