राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) ने पिछले नौ महीनों में 79 हजार से अधिक उपभोक्ता शिकायतों का निपटारा करते हुए 52 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनवापसी सुनिश्चित कराई है. यह जानकारी मंगलवार को उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी की गई. मंत्रालय के मुताबिक, 25 अप्रैल से 31 जनवरी 2026 के बीच एनसीएच ने रिफंड से जुड़े कुल 79,521 मामलों का समाधान किया, जिसके तहत 31 अलग-अलग क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को लगभग 52 करोड़ रुपये वापस दिलाए गए.
मुकदमेबाजी से पहले ही मिली राहत
यह धनवापसी मुकदमेबाजी से पहले के चरण में ही सुनिश्चित की गई, जिससे उपभोक्ताओं को उपभोक्ता आयोगों से संपर्क किए बिना समय पर राहत प्राप्त करने में मदद मिली. मंत्रालय ने बताया कि विभाग की यह प्रमुख पहल उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत प्रभावी, सुलभ और समयबद्ध शिकायत निवारण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन एक समेकित मॉडल के तहत संचालित होती है, जिसमें प्राप्त शिकायतों को निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान के लिए संबंधित कंपनियों को डिजिटल माध्यम से भेजा जाता है. इसके साथ ही मामलों की लगातार निगरानी की जाती है और उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया भी दर्ज कर ट्रैक की जाती है.
ई-कॉमर्स क्षेत्र से सबसे ज्यादा शिकायतें
मंत्रालय के अनुसार सबसे अधिक धनवापसी से जुड़े मामले ई-कॉमर्स क्षेत्र से सामने आए, जिनकी संख्या 47,743 रही और इनके तहत 36 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वापस कराई गई. इसके बाद यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र दूसरे स्थान पर रहा, जहां हेल्पलाइन के माध्यम से 4 करोड़ रुपये से अधिक की धनवापसी सुनिश्चित की गई. महानगरों के साथ-साथ दूरदराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज हुईं, जो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की देशव्यापी पहुंच और सुलभता को दर्शाती हैं.
17 भाषाओं में शिकायत दर्ज करने की सुविधा
मंत्रालय के मुताबिक, 25 अप्रैल से 31 जनवरी 2026 की अवधि के दौरान 52 करोड़ रुपए की राशि की वापसी की सुविधा हेल्पलाइन की त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावशीलता को प्रदर्शित करती है और मुकदमेबाजी से पहले के चरण में उपभोक्ता संरक्षण के लिए एक विश्वसनीय साधन के रूप में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को मजबूत करती है. राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन देश भर के उपभोक्ताओं के लिए 17 भाषाओं में शिकायत दर्ज करने की सुविधा देने वाला एक सिंगल-पॉइंट एक्सेस प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करती है. उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1915, इंग्राम पोर्टल, व्हाट्सएप या SMS (8800001915), एनसीएच मोबाइल ऐप, ईमेल, वेब प्लेटफॉर्म तथा उमंग ऐप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.