बांग्लादेश की राजनीति में आया नया मोड़, जनमत-संग्रह की वैधता को हाईकोर्ट में चुनौती

Dhaka: BNP के अध्यक्ष तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की शपथ के बीच देश की राजनीति में एक नया मोड़ आया है. हाल ही में हुए चुनाव के साथ कराए गए जनमत संग्रह की वैधता को चुनौती देते हुए एक याचिका कोर्ट में दाखिल की गई है. सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने हाई कोर्ट में एक रिट पिटीशन दाखिल की.

जनमत संग्रह की वैधता को चैलेंज

जिसमें 12 फरवरी को हुए देश भर में कराए जनमत संग्रह की वैधता को चैलेंज किया गया. ही अगले दिन ऐलान किए गए नतीजे को रद्द करने की मांग उठाई गई. बता दें कि तारिक रहमान ने मंगलवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है. उनकी कैबिनेट में 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को जगह दी गई है.

जनमत संग्रह की इजाजत नहीं देता संविधान

उधर, वकील मोहम्मद अताउल मजीद ने याचिका एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन के तौर पर पेश की, जिसमें कहा गया कि संविधान जनमत संग्रह की इजाजत नहीं देता और निर्वाचन आयोग के पास इसे कराने का कोई अधिकार नहीं है. याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह नियम के तहत संबंधित अधिकारियों से यह पूछे कि रेफरेंडम को गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक क्यों नहीं घोषित किया जाना चाहिए?

हाई कोर्ट खंडपीठ कर सकती है सुनवाई

पिटीशन के हवाले से अताउल मजीद ने बताया कि रेफरेंडम गैर-संवैधानिक था. याचिका में मुख्य निर्वाचन आयुक्त, कैबिनेट सचिव और कानून मंत्रालय के सचिव को रेस्पोंडेंट बनाया गया है. याचिका पर अगले हफ्ते जस्टिस फातिमा नजीब की अगुवाई में हाई कोर्ट खंडपीठ सुनवाई कर सकती है. निर्वाचन आयोग के अनुसार 12 फरवरी को हुए जनमत-संग्रह में 60 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने हां में मतदान किया.

जमात के सदस्यों ने भी नहीं ली शपथ

कुल 48,074,429 वोटर्स ने बदलावों के पक्ष में वोट डाला जबकि 22,565,627 वोटर्स ने उनके खिलाफ वोट दिया था. बांग्लादेश के चुनाव में विजयी हुई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के संविधान सुधार परिषद के सदस्य के रूप में शपथ लेने से मना करने के बाद जमात-ए-इस्लामी के नवनिर्वाचित संसद सदस्यों ने मंगलवार को शपथ लेने से इनकार कर दिया. मुख्य निर्वाचन आयुक्त एएमएम नसीरुद्दीन ने संसद भवन में बीएनपी सांसदों को पद की शपथ दिलाई.

इसे भी पढ़ें. ईरान ने लाइव मिसाइल दाग कर ट्रंप की दी खुली चेतावनी, शक्ति प्रदर्शन पर US में भी बढी हलचल

Latest News

Gold Import Policy: सरकार ने 15 बैंकों को दी सोना-चांदी आयात की मंजूरी, बाजार में दिखेगा बड़ा असर

सरकार ने 15 बैंकों को सोना-चांदी आयात की अनुमति दी है. इस फैसले से बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और कीमतों पर असर पड़ सकता है.

More Articles Like This

Exit mobile version