Onion Buffer Stock: किसानों को बड़ी राहत, सरकार ने बढ़ाया प्याज का खरीद मूल्य

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Onion Buffer Stock: प्याज की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है. केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज की खरीद कीमत बढ़ाकर 2,125 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है. इससे पहले यह दर 1,875 रुपये प्रति क्विंटल थी. नई कीमत 4 जुलाई से लागू हो गई है. इस फैसले का मकसद किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम देना और जरूरत के समय बाजार में प्याज की उपलब्धता बनाए रखना है.  सरकारी एजेंसियां अब तक करीब 2,000 टन प्याज ही खरीद सकी हैं. मौजूदा सीजन में सरकार ने खरीद दर में कई बार बढ़ोतरी की है. ताजा संशोधन के बाद बफर स्टॉक के लिए प्याज की कीमत 21.25 रुपये प्रति किलो हो गई है.

बाजार में प्याज की स्थिति कैसी है?

सरकारी अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में देश में करीब 307.37 लाख टन प्याज उत्पादन होने की उम्मीद है, जो पिछले साल के लगभग बराबर है. सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में प्याज की कोई कमी नहीं है. कई राज्यों में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और मंडियों में आवक भी मजबूत बनी हुई है. देशभर की मंडियों में रोजाना 50 हजार टन से ज्यादा प्याज पहुंच रहा है. इसमें अकेले महाराष्ट्र से 30 हजार टन से अधिक प्याज की आवक हो रही है. कीमतों की बात करें तो मंडियों में प्याज का औसत भाव करीब 18 रुपये प्रति किलो है. वहीं, खुदरा बाजारों में इसकी औसत कीमत लगभग 31 रुपये प्रति किलो बनी हुई है.

इस सीजन में कब-कब बढ़े खरीद दाम?

बफर स्टॉक के लिए प्याज की खरीद कीमत मौजूदा सीजन में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई गई है. शुरुआत में यह दर 12.70 रुपये प्रति किलो थी. इसके बाद अलग-अलग तारीखों पर इसमें संशोधन किया गया.

  • शुरुआत में: 12.70 रुपये प्रति किलो
  • 22 मई: 15.80 रुपये प्रति किलो
  • 13 जून: 16.50 रुपये प्रति किलो
  • 20 जून: 17.30 रुपये प्रति किलो
  • इसके बाद: 18.75 रुपये प्रति किलो
  • 4 जुलाई से: 21.25 रुपये प्रति किलो

इस तरह सीजन की शुरुआत से अब तक खरीद कीमत में लगातार बढ़ोतरी हुई है.

मानसून में देरी से बाजार में हलचल

मानसून में देरी और कुछ व्यापारियों द्वारा अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज रोककर रखने के कारण बाजार में कीमतों को लेकर हलचल बनी हुई है. त्योहारों के समय मांग बढ़ने या सप्लाई कम होने की स्थिति में यही स्टॉक बाजार में उतारे जाने की उम्मीद है. मौसम की स्थिति और बाजार में प्याज की उपलब्धता आने वाले समय में कीमतों पर असर डाल सकती है. हालांकि, फिलहाल मंडियों में आवक मजबूत बनी हुई है.

जून में 1.50 लाख टन प्याज का निर्यात

जून में भारत से करीब 1.50 लाख टन प्याज का निर्यात हुआ. हालांकि, आने वाले समय में इसकी रफ्तार धीमी पड़ सकती है. इसकी बड़ी वजह विदेशी बाजारों में पाकिस्तान और चीन से मिल रही प्रतिस्पर्धा है. खाड़ी देशों और श्रीलंका जैसे बाजारों में पाकिस्तान और चीन का सस्ता प्याज भारतीय प्याज को टक्कर दे रहा है. ऐसे में भारतीय प्याज की निर्यात मांग पर असर पड़ सकता है. सरकार की बढ़ी हुई खरीद दर किसानों के लिए राहत का काम कर सकती है. वहीं, आम लोगों के लिए फिलहाल प्याज की कीमतों में बड़े बदलाव की उम्मीद कम है.

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