पाक के स्टेबलकॉइन प्रयोग से और कमजोर हो सकता है पाकिस्तानी रुपया: Report

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

अमेरिकी क्रिप्टो कंपनी World Liberty Financial के साथ साझेदारी कर डॉलर से जुड़े स्टेबलकॉइन को अपनाने की पाकिस्तान की योजना देश की डॉलर निर्भरता को और बढ़ा सकती है, जिससे समग्र आर्थिक स्थिरता पर दबाव पड़ने की आशंका जताई गई है. यह दावा एक रिपोर्ट में किया गया है. Daily Mirror की रिपोर्ट के अनुसार, डॉलर-पेग्ड स्टेबलकॉइन मूल्य के भंडार और लेनदेन के माध्यम के रूप में अमेरिकी डॉलर की भूमिका को मजबूत करता है. इससे आम नागरिकों का रुझान पाकिस्तानी रुपये से हटकर डॉलर आधारित डिजिटल संपत्तियों की ओर बढ़ सकता है, जिससे स्थानीय मुद्रा की स्वीकार्यता पर असर पड़ने की संभावना है.

विनिमय दर और तरलता पर संभावित दबाव

रिपोर्ट में कहा गया कि स्टेबलकॉइन के जरिए मुद्रा प्रतिस्थापन से विनिमय दर पर दबाव बढ़ सकता है और पाकिस्तानी रुपये की कमजोरी को और तेज करने वाला एक चक्र सक्रिय हो सकता है. रिपोर्ट में कहा गया कि एक ऐसे देश के लिए जिसकी मुद्रा कमजोर है, भुगतान संतुलन में बार-बार तनाव रहता है और मौद्रिक नीति के लिए सीमित गुंजाइश है, आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त डॉलर से जुड़े स्टेबलकॉइन की शुरुआत अस्थिरता को कम करने के बजाय बढ़ा सकती है. इसके अलावा, स्टेबलकॉइन बैंकों को दरकिनार करते हुए घरेलू और व्यावसायिक तरलता को विनियमित प्रणाली से बाहर डिजिटल वॉलेट में स्थानांतरित कर सकते हैं.

मौद्रिक नीति और बैंकिंग प्रणाली पर असर

पाकिस्तान जैसे देश में, जहां मौद्रिक नीति का प्रभाव काफी हद तक बैंकों की बैलेंस शीट पर निर्भर करता है, स्टेबलकॉइन का प्रसार ब्याज दरों में बदलाव के असर को कमजोर कर सकता है और तरलता प्रबंधन को अधिक जटिल बना सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि लगातार बढ़ती महंगाई, तेज मुद्रा अवमूल्यन और International Monetary Fund द्वारा समर्थित स्थिरीकरण कार्यक्रमों के चलते पाकिस्तानी रुपये पर पहले से ही भरोसा कमजोर हुआ है. IMF ने कई बार आगाह किया है कि यदि स्टेबलकॉइन को व्यापक स्तर पर अपनाया गया, तो स्थानीय बैंकों से जमा राशि का बहिर्गमन बढ़ सकता है और नाजुक अर्थव्यवस्थाओं में मौद्रिक ढांचा और अधिक कमजोर पड़ सकता है.

BIS और केंद्रीय बैंक की चिंताएं

Bank for International Settlements ने भी तर्क दिया है कि ऐसे डिजिटल उपकरण ठोस मुद्रा के बुनियादी मानदंडों पर खरे नहीं उतरते और मौद्रिक संप्रभुता के लिए जोखिम पैदा करते हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि State Bank of Pakistan ने ऐतिहासिक रूप से क्रिप्टो को लेकर सतर्क रुख अपनाया है. इसके बावजूद Donald Trump के परिवार से जुड़ी कंपनी World Liberty Financial के साथ हुए नए समझौते ने विदेशी नियंत्रण वाले स्टेबलकॉइन इकोसिस्टम को अर्ध-आधिकारिक वैधता प्रदान कर दी है.

स्थिरता और नियामकीय जोखिम

रिपोर्ट में यह भी आगाह किया गया है कि क्रिप्टो कॉइन मूलतः निजी देनदारियां होती हैं और उनकी स्थिरता इस बात पर निर्भर करती है कि उनके पीछे रखे गए भंडार की गुणवत्ता कैसी है, उनकी कानूनी वैधता कितनी मजबूत है और संकट की स्थिति में जारीकर्ता भुगतान करने में सक्षम है या नहीं. विकसित अर्थव्यवस्थाओं में ऐसे जोखिमों को कड़े नियमन और गहरे वित्तीय बाजारों के माध्यम से कुछ हद तक नियंत्रित किया जाता है. लेकिन पाकिस्तान के पास न तो जारीकर्ता पर प्रत्यक्ष नियंत्रण है और न ही विदेशी नियंत्रण वाले स्टेबलकॉइन से उत्पन्न किसी संभावित वित्तीय संकट से निपटने की पर्याप्त संस्थागत क्षमता है.

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