Petrol-Diesel Price Hike: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, कई देशों में डेढ़ गुना तक महंगा हुआ ईंधन, जानें भारत का हाल

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Petrol-Diesel Price Hike: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज समझौते को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है. इसी बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. क्रूड ऑयल की कीमत आज भी करीब 90 डॉलर के आसपास कारोबार करती नजर आ रही है.

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर दुनियाभर के कई देशों में दिखाई दे रहा है और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज उछाल ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. अमेरिका, पाकिस्तान, फिलीपींस और इजरायल समेत कई देशों में इस समय ईंधन की कीमतें महंगाई का बड़ा कारण बनी हुई हैं. कुछ देशों में ईरान-अमेरिका के बीच जंग शुरू होने के बाद से पेट्रोल और डीजल के दाम डेढ़ गुना से भी ज्यादा बढ़ चुके हैं.

हालांकि, इन देशों की तुलना में भारत में फिलहाल स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में बनी हुई है और घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर वैश्विक तेजी का असर सीमित रखने की कोशिश की गई है.

कहां सबसे ज्यादा बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमतें?

ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज डॉट कॉम के आंकड़ों के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच जंग शुरू होने के बाद कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है. पेट्रोल की कीमत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी फिलीपींस में दर्ज की गई है. यहां पेट्रोल के दाम 62.1% तक बढ़ चुके हैं. वहीं, डीजल की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी लेबनान में हुई है. यहां फरवरी से अब तक डीजल की कीमत 64.7% तक बढ़ चुकी है.

अमेरिका भी ईंधन की बढ़ती कीमतों से अछूता नहीं रहा है. जिस अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है, वहां पेट्रोल की कीमत 33.9% और डीजल की कीमत 40.50% तक महंगी हो चुकी है. मलेशिया में भी पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है. यहां पेट्रोल की कीमत अब तक 50.4% और डीजल की कीमत 54.5% तक बढ़ चुकी है. इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर कई देशों के घरेलू ईंधन बाजार पर किस तरह पड़ा है.

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम ने बढ़ाई मुश्किल

पाकिस्तान की स्थिति भी इस समय बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. देश पहले से ही गंभीर आर्थिक और ईंधन संकट का सामना कर रहा है. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ कमजोर करेंसी ने पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों पर दबाव और बढ़ा दिया है. पाकिस्तान में इस समय पेट्रोल की कीमत 325.92 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है, जबकि हाई-स्पीड डीजल का दाम बढ़कर 382.25 रुपये प्रति लीटर हो चुका है.

ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है. पाकिस्तान सरकार पेट्रोल पर करीब 114 रुपये और डीजल पर करीब 100 रुपये तक टैक्स वसूल रही है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और घरेलू टैक्स के दबाव ने वहां ईंधन को और महंगा कर दिया है.

भारत में क्या है पेट्रोल-डीजल की स्थिति?

दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की स्थिति कई अन्य देशों के मुकाबले नियंत्रण में बनी हुई है. वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों को काफी हद तक स्थिर रखने की कोशिश की है.

इसका फायदा भारतीय उपभोक्ताओं को मिला है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उतार-चढ़ाव का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर सीमित रहा है. हालांकि, वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आगे भी जारी रहती है तो इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ने की संभावना बनी रह सकती है.

इन देशों में नहीं बदली पेट्रोल-डीजल की कीमत

दुनियाभर में जहां कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है, वहीं कुछ देश ऐसे भी हैं जहां ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इनमें सऊदी अरब, ओमान, अल्जीरिया, बुर्किना फासो, बोलोविया और मेडागास्कर जैसे देश शामिल हैं.

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