PMS Industry Growth: भारत में शेयर बाजार के प्रति निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का असर निवेश से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों पर भी दिखाई दे रहा है. इसी बढ़ती भागीदारी के बीच पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज यानी पीएमएस इंडस्ट्री के सालाना करीब 20 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना जताई गई है. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने बुधवार को यह बात कही.
हालांकि, उन्होंने इसे कोई औपचारिक विकास अनुमान नहीं बताया, बल्कि निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और संपत्ति निर्माण के साथ पीएमएस क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं के संदर्भ में यह बात रखी. एसोसिएशन ऑफ पोर्टफोलियो मैनेजर्स इन इंडिया यानी एपीएमआई की तीसरी सालाना निवेशक कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए पांडे ने कहा कि भारत के निवेश क्षेत्र के कई हिस्से 15 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रहे हैं. ऐसे माहौल में पीएमएस इंडस्ट्री के लिए भी करीब 20 प्रतिशत की सालाना वृद्धि की गुंजाइश बनती है.
पीएमएस इंडस्ट्री को बढ़ते विकल्पों के बीच बनानी होगी जगह
सेबी चेयरमैन ने यह भी कहा कि तेजी से बदलते और विविध होते निवेश माहौल में पीएमएस इंडस्ट्री को अपनी अलग जगह बनानी होगी. बाजार में म्यूचुअल फंड और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड यानी एआईएफ जैसे कई निवेश विकल्प मौजूद हैं, जो अलग-अलग तरह के निवेशकों की जरूरतों को पूरा करते हैं. पांडे ने कहा, “हमें इस बात को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि हमारे पास दूसरे विकल्प भी हैं. हमारे पास म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री और एआईएफ हैं. ये ऐसे माध्यम हैं जो अलग-अलग तरह के ग्राहकों की जरूरतें पूरी करते हैं. जरूरी नहीं कि वे एक-दूसरे के साथ मुकाबला ही करें.”
ज्यादा नेट-वर्थ वाले निवेशकों पर पीएमएस का फोकस
पांडे के मुताबिक, पीएमएस खास तौर पर ज्यादा नेट-वर्थ वाले निवेशकों की जरूरतों को पूरा करता है. वहीं, ऐसे निवेशक जो लागत को अधिक महत्व देते हैं, उनके बीच निष्क्रिय निवेश उत्पाद आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं. पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज निवेशकों को पेशेवर तरीके से प्रबंधित किया जाने वाला निवेश पोर्टफोलियो उपलब्ध कराती है. यह म्यूचुअल फंड जैसे बड़े स्तर पर उपलब्ध निवेश उत्पादों से अलग है, जहां बड़ी संख्या में निवेशक एक साझा फंड संरचना के माध्यम से निवेश करते हैं.
बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भरोसा जीतना जरूरी
सेबी चेयरमैन ने आगे कहा कि जैसे-जैसे निवेश बाजार में प्रतिस्पर्धा और निवेश के विकल्प बढ़ रहे हैं, पीएमएस इंडस्ट्री के सामने अपनी खास उपयोगिता और मूल्य को स्पष्ट करने की चुनौती भी होगी. ऐसे माहौल में पीएमएस उद्योग को निवेशकों को यह समझाना होगा कि उसकी सेवाएं किस तरह अलग हैं और किस प्रकार की जरूरतों को पूरा करती हैं. इसके साथ ही निवेशकों का भरोसा बनाए रखना भी इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होगा.
यह भी पढ़े: France: क्या हैं मांगें, फ्रांस की सड़कों पर क्यों उतरे छात्र?, अब तक 400 से अधिक हिरासत में

