New Delhi: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बंद किए गए पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट को फिर से बदलने की खबरों को खंडन किया है. प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने इन खबरों को गलत बताया है. साफ कहा है कि RBI ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है. बता दें कि करीब 10 साल पहले भारत सरकार ने नकली नोट और काले धन पर रोक लगाने के लिए पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद कर दिए थे.
समय के बाद यह प्रोसेस पूरी तरह बंद
उस समय पर लोगों को अपने पुराने नोट बैंक या RBI के रजिस्टर्ड केंद्रों पर जमा या बदलने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था और तय समय के बाद यह प्रोसेस पूरी तरह बंद कर दिया गया. बाद में कुछ लोगों को पुराने नोट मिले जिन्हें वे समय पर बदल नहीं पाए थे और RBI ने तय अवधि के बाद उन्हें बदलने की अनुमति नहीं दी थी. हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ खबरें वायरल हो रही है, जिनमें भारतीय रिज़र्व बैंक ने बंद हो चुके नोट बदलने के लिए नए नियम जारी किए हैं.
RBI ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया
प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेक टीम ने इन खबरों को गलत बताया है और साफ कहा है कि RBI ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है. PIB ने यह भी कहा कि वित्त और नोटों से जुड़ी सही जानकारी के लिए सिर्फ RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करना चाहिए. इसमें लोगों को सलाह दी गई है कि बिना जांचे-परखे किसी भी मैसेज को आगे न भेजें.
फैक्ट चेक टीम का व्हाट्सऐप नंबर
अगर कोई मैसेज, फोटो या वीडियो संदिग्ध लगे, तो उसे प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेक टीम को व्हाट्सऐप नंबर +91 8799711259 या ईमेल factcheck@pib.gov.in पर भेजकर उसकी सच्चाई जांची जा सकती है. 8 नवंबर 2016 को भारत सरकार ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का ऐलान किया था. फिर मई 2023 में RBI ने 2000 रुपये के नोटों को चलन से धीरे-धीरे हटाने का फैसला लिया.
बैंक में जमा करने या बदलने का विकल्प
2016 की तरह इन्हें अमान्य नहीं किया गया, बल्कि लोगों को इन्हें बैंक में जमा करने या बदलने का विकल्प दिया गया. यह कदम नकदी व्यवस्था को आसान बनाने के लिए उठाया गया, क्योंकि डिजिटल पेमेंट बढ़ने से बड़े नोटों की जरूरत कम हो गई थी. नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को सुधारने और ट्रांसपरेंसी बढ़ाने में मदद मिलती है. बड़े अमाउंट के नोट बंद होने से काले धन को सामने लाने में मदद मिली, क्योंकि लोगों को अपनी नकदी बैंक में जमा करनी पड़ती है. इससे फर्जी नोटों पर भी काफी हद तक रोक लगती है.
टैक्स चोरी करना भी मुश्किल
इसके अलावा डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिला और लोग कैश की जगह ऑनलाइन लेन-देन बढ़ता है. इससे टैक्स चोरी करना भी मुश्किल होता है और टैक्स सिस्टम ज्यादा ट्रांसपरेंसी बनती है, जिससे सरकार की आय बढ़ाने में मदद मिलती है.
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