Rule Change 1st Feb: लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है. वह वित्त मंत्री के रूप में संसद में अपना नौवां बजट पेश कर रही हैं. इस बजट का असर आम जनता से लेकर विशेष वर्ग तक सभी पर देखने को मिलेगा. हालांकि बजट से पहले ही 1 फरवरी 2026 से कई अहम नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं. इन बदलावों का सीधा असर बैंकिंग, FASTag और अन्य कई सेक्टरों पर पड़ा है, जहां नए नियम लागू किए गए हैं. ऐसे में बजट से पहले ही लोगों को कई मोर्चों पर बदलावों का सामना करना पड़ रहा है.
बैंकिंग सेक्टर में होने वाले बड़े बदलाव
- SBI, HDFC, PNB और ICICI सहित कई बैंक चार्ज बदले गए हैं.
- IMPS ट्रांजेक्शन, रिवार्ड पॉइंट्स और KYC अपडेट में भी बदलाव हुए हैं.
- भारतीय स्टेट बैंक ने IMPS लेनदेन से जुड़े शुल्कों में बदलाव किया है. अब 25,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक के IMPS ट्रांजेक्शन पर जीएसटी सहित 2 रुपये का चार्ज देना होगा. वहीं, 1 लाख से 2 लाख रुपये तक के लेनदेन पर 6 रुपये के साथ जीएसटी लागू होगा. इसके अलावा 2 लाख से 5 लाख रुपये तक के IMPS ट्रांजेक्शन पर जीएसटी समेत 10 रुपये शुल्क लिया जाएगा.
- HDFC Bank ने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स से जुड़े नियमों में बदलाव करने का निर्णय लिया है. 1 फरवरी 2026 से इंफिनिया क्रेडिट कार्ड पर नए प्रावधान लागू होंगे, जिसके तहत कार्डधारक अब महीने में अधिकतम 5 बार ही रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम कर सकेंगे.
- पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने सभी ग्राहकों को निर्देश दिया है कि 2 फरवरी तक RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार KYC अपडेट करना अनिवार्य है.
टैक्स में भी बदलाव संभव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट पेश करने के बाद टैक्स समेत ईंधन के दाम और आर्थिक क्षेत्र में बड़े बदलाव हो सकते हैं. वहीं, तंबाकू से लेकर सिगरेट, पान मसाला पर टैक्स बढ़ने से ये चीजें महंगी हो गई हैं. इन चीजों पर 40–50 प्रतिशत तक टैक्स लग सकता है.
FASTag यूजर्स को मिलेगी राहत
आज से नई कार खरीदने वाले ग्राहकों को FASTag के KYV (Know Your Vehicle) प्रोसेस से राहत मिल गई है. नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने KYV प्रक्रिया को बंद करने का फैसला किया है. इसके साथ ही, जिन वाहनों पर पहले से FASTag लगा हुआ है, उन्हें अब बार-बार KYV कराने की जरूरत नहीं होगी.
ईंधन के दाम
बजट 2026 का असर ईंधन की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है. बजट घोषणाओं के बाद LPG, CNG, PNG के साथ-साथ एविएशन फ्यूल के दामों में बदलाव संभव है. इसका प्रभाव आम उपभोक्ताओं की जेब से लेकर हवाई यात्राओं के किराए तक पर पड़ सकता है.