Union Budget 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए बजट में किसानों की आय बढ़ाने और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के क्षेत्र में बड़े कदम उठाने की घोषणा की है. इन प्रस्तावों का मकसद देश के विकास को संतुलित और टिकाऊ बनाना बताया गया है.
मेवों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा
सरकार ने तटीय इलाकों के किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर प्रोत्साहित करने का ऐलान किया है. इसके तहत नारियल, काजू और कोको जैसी फसलों के साथ-साथ पहाड़ी और अन्य क्षेत्रों में अखरोट और पाइन नट्स जैसी मेवों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी.
पर्यटन के क्षेत्र में की अहम घोषणाएं Union Budget 2026-27
वहीं, पर्यटन के क्षेत्र में सरकार ने कई अहम घोषणाएं की हैं. नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड कर एक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी स्थापित किया जाएगा. यह संस्थान शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के साथ मिलकर हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में प्रशिक्षण और मानकों को बेहतर बनाएगा. इसके अलावा, देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूर गाइड्स को प्रशिक्षित करने के लिए एक पायलट योजना शुरू की जाएगी. यह 12 हफ्ते का मानकीकृत और उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण हाइब्रिड मोड में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के सहयोग से दिया जाएगा.
राष्ट्रीय डिजिटल डेस्टिनेशन नॉलेज ग्रिड भी बनाएगी
सरकार एक राष्ट्रीय डिजिटल डेस्टिनेशन नॉलेज ग्रिड भी बनाएगी, जिसमें देश के सभी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत स्थलों को डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा. पर्यावरण और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही पूर्वी घाट के अराकू घाटी और पश्चिमी घाट के पुडिगई मलै में भी ऐसे ट्रेल्स बनाए जाएंगे. वन्यजीव पर्यटन के लिए ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ नेस्टिंग साइट्स पर टर्टल ट्रेल्स और पुलिकट झील के आसपास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स तैयार किए जाएंगे.