Sensex opening Bell: अमेरिकी और एशियाई बाजारों में आई तेज गिरावट के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ खुला. बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,310.01 से 103.65 अंक यानी 0.13 प्रतिशत चढ़कर 79,413.66 पर खुला. हालांकि कुछ ही समय बाद इसमें और गिरावट दर्ज की गई और यह 293.95 अंक यानी 0.37 प्रतिशत गिरकर 79,016.05 के दिन के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया. हालांकि बाद के कारोबार में बाजार ने फिर से रिकवरी की और यह 358.36 अंकों यानी 0.45 प्रतिशत की तेजी के साथ 79,668.37 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया.
वहीं, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद भाव 24,536.60 की तुलना में 24,538.20 पर फ्लैट खुला और कुछ ही देर में इसमें और गिरावट दर्ज की गई और यह 148.55 अंक या 0.60 प्रतिशत गिरकर 24,388.05 के दिन के इंट्रा-डे लो पर पहुंच गया. हालांकि बाद के कारोबार में इसने भी रिकवरी की और 108.55 अंक या 0.44 प्रतिशत चढ़कर 24,645.15 के दिन के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया.
व्यापक बाजारों में कमजोरी
इस बीच, व्यापक बाजारों में कमजोरी दर्ज की गई. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. सेक्टोरल आधार पर सबसे ज्यादा दबाव मेटल शेयरों पर देखने को मिला, और निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.7 प्रतिशत गिर गया. इसके अलावा निफ्टी रियल्टी में 1.56 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई.
निफ्टी आईटी करीब 2 प्रतिशत चढ़ा
केमिकल, ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में भी 1.34 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली. इसके विपरीत आईटी सेक्टर ने बाजार की धारणा को कुछ हद तक संभाला. निफ्टी आईटी करीब 2 प्रतिशत चढ़ गया. निफ्टी ऑटो, निफ्टी फार्मा, मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम, प्राइवेट बैंक और मीडिया शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई.
दुनिया के अधिकांश शेयर बाजारों पर अमेरिकी बाजारों में गिरावट का असर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी बाजारों में आई भारी गिरावट का असर दुनिया के अधिकांश शेयर बाजारों पर दिखाई दे सकता है, लेकिन भारत पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है. उनका कहना है कि नैस्डैक में 5.6 प्रतिशत की तेज गिरावट डेटा सेंटर निवेश में संभावित मंदी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कारोबार की विकास दर को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण आई.
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक तकनीकी शेयरों में आई गिरावट और एआई आधारित निवेश थीम की रफ्तार कम होने का भारतीय बाजार को अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है, क्योंकि इससे विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी अन्य उभरते बाजारों की ओर बढ़ सकती है. विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का रुख भी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक बना हुआ है. पिछले पांच कारोबारी सत्रों में एफआईआई ने 35,781 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं.

