Sensex Opening Bell: शेयर बाजार में लंबे समय बाद लौटी हरियाली, सेंसेक्स-निफ्टी में 2 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Sensex Opening Bell: भारतीय शेयर बाजार बुधवार को तेजी के साथ हरे निशान में खुला. ट्रंप के इस बयान के चलते जोखिम भावना में सुधार होने से निफ्टी-50 और सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार में 2 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई. इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1814.88 अंक या 2.52 प्रतिशत बढ़कर 73,762.43 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 567 अंक या 2.5 प्रतिशत उछलकर 22,899 पर खुलने में सफल रहा.

बुधवार काे शुरुआती काराेबार के दाैरान सेंसेक्स 2.73 प्रतिशत यानी 1964.41 अंकों की बढ़त के साथ 73,911.96 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी50 2.67 प्रतिशत या 596.40 अंक बढ़कर 22,927.80 पर कारोबार कर रहा था. इस दौरान निफ्टी के सभी इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते नजर आए.

व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.30 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 3.61 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली. वहीं सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी मीडिया में 3.66 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक में 3.33-3.33 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 3.24 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जो कि सबसे ज्यादा बढ़त वाले सेक्टोरल इंडेक्स रहे.

आज के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स

इसके बाद निफ्टी आईटी में 2.89 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा में 2.06 प्रतिशत, निफ्टी निजी बैंक में 2.58 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 2.56 प्रतिशत तो वहीं निफ्टी एफएमसीजी में 1.80 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. शुरुआती कारोबार में निफ्टी50 के सभी शेयर हरे निशान में ट्रेड करते नजर आए, जिसमें ट्रेंट, बीईएल, इंडिगो, अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, अदाणी इंटरप्राइजेज के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली और ये टॉप गेनर्स में शामिल रहे. जबकि एचडीएफसी, कोल इंडिया, नेस्ले इंडिया, अपोलो हॉस्पिटल और पावर ग्रिड सबसे कम बढ़त वाले शेयर रहे.

भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से सुचकांकाे में 10 प्रतिशत की गिरावट 

बता दें कि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के कारण मार्च के दौरान प्रमुख सूचकांकों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई थी. विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और उच्च अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को सतर्क और चुनिंदा दृष्टिकोण अपनाना चाहिए. एक विश्लेषक ने कहा कि “बाजार में गिरावट के दौरान मौलिक रूप से मजबूत शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करना समझदारी भरा कदम हो सकता है.”

 

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