भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान शानदार तेजी देखने को मिली. दिन के बीच में बाजार में चौतरफा खरीदारी का माहौल बना रहा, जिससे प्रमुख सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए. दोपहर करीब 1 बजे सेंसेक्स 660 अंक यानी 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 79,180 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी 173 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,538 पर कारोबार करता दिखा.
बैंकिंग सेक्टर बना तेजी का मुख्य आधार
आज की इस तेजी में बैंकिंग सेक्टर का सबसे बड़ा योगदान रहा. निफ्टी बैंक इंडेक्स 691 अंक यानी 1.22% चढ़कर 57,273 पर पहुंच गया. ICICI बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली, जिसने पूरे बाजार को ऊपर खींचने का काम किया. इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी ऑटो जैसे सेक्टर भी टॉप गेनर्स में शामिल रहे, जो बाजार में व्यापक मजबूती का संकेत देते हैं.
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दम
बाजार की तेजी सिर्फ लार्जकैप शेयरों तक सीमित नहीं रही. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखी गई. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 411 अंक यानी 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,202 पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 204 अंक यानी 1.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,691 पर कारोबार करता दिखा. यह संकेत देता है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा व्यापक स्तर पर बना हुआ है.
कच्चे तेल में नरमी से मिला सहारा
बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी को माना जा रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता के चलते कच्चे तेल की कीमतें लगभग 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं. इससे बाजार को राहत मिली है, क्योंकि तेल की कीमतों में स्थिरता भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है.
वैश्विक संकेत भी रहे सकारात्मक
वैश्विक बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं. अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता ने निवेशकों के भरोसे को बढ़ाया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बावजूद बातचीत की संभावना बनी हुई है. इसी कारण जापान और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई बाजारों में भी तेजी देखी गई, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा.
तनाव के बीच बातचीत की उम्मीद
हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी कायम है, लेकिन संभावित वार्ता ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है. बताया जा रहा है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंच सकते हैं, जबकि ईरान का प्रतिनिधिमंडल भी बातचीत के लिए तैयार है. यदि यह वार्ता सफल होती है, तो वैश्विक बाजारों में और तेजी देखने को मिल सकती है.
इंडिया VIX में गिरावट से बढ़ा भरोसा
बाजार की तेजी के पीछे एक और महत्वपूर्ण कारण इंडिया VIX में गिरावट है. इंडिया VIX 5.69 प्रतिशत गिरकर 17.72 के स्तर पर आ गया है. यह इंडेक्स बाजार में उतार-चढ़ाव को दर्शाता है. आमतौर पर जब इसमें गिरावट आती है, तो बाजार में स्थिरता और निवेशकों का भरोसा बढ़ता है.
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