हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों को बड़ा झटका दिया. दिनभर बाजार में भारी दबाव बना रहा और अंत में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए. इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव रहा, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव और शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों के मन में डर पैदा कर दिया.
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ा और बिकवाली का दबाव पूरे दिन बना रहा. निवेशक जोखिम लेने से बचते नजर आए और सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करने लगे, जिसके चलते बाजार में व्यापक गिरावट देखने को मिली.
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,690.23 अंक यानी 2.25 प्रतिशत गिरकर 73,583.22 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं एनएसई निफ्टी50 भी 486.85 अंक यानी 2.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,819.60 पर आ गया. अगर पूरे दिन के कारोबार पर नजर डालें, तो बाजार ने शुरुआत से ही कमजोरी दिखाई. सेंसेक्स 74,883.79 पर खुला और कारोबार के दौरान एक समय 1,736 अंकों से ज्यादा टूटकर 73,534.41 के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया.
इसी तरह निफ्टी50 भी 23,173.55 पर खुलने के बाद लगातार गिरावट में रहा और एक समय 22,804.55 के स्तर तक फिसल गया. यह आंकड़े बताते हैं कि गिरावट सिर्फ अंत में नहीं, बल्कि पूरे दिन बाजार पर दबाव बना रहा.
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी भारी बिकवाली
इस गिरावट का असर सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक बाजार भी इसकी चपेट में आ गए. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 2.23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.74 प्रतिशत गिर गया.
इससे साफ है कि बाजार में सिर्फ चुनिंदा नहीं, बल्कि हर स्तर पर बिकवाली हुई. यह संकेत देता है कि निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और वे जोखिम लेने से बच रहे हैं.
सेक्टरवार गिरावट, PSU बैंक सबसे ज्यादा प्रभावित
अगर सेक्टर के हिसाब से देखें, तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक यानी PSU बैंक सबसे ज्यादा दबाव में रहे. इस सेक्टर में 3.86 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा रियल्टी सेक्टर में 3.17 प्रतिशत, ऑटो सेक्टर में 2.82 प्रतिशत, फाइनेंशियल सर्विसेज में 2.69 प्रतिशत और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में 2.01 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली.
हालांकि आईटी सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और इसमें केवल 0.44 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह दिन का सबसे कम नुकसान झेलने वाला सेक्टर बना.
कुछ शेयरों ने दिखाई मजबूती
भारी गिरावट के बीच भी कुछ चुनिंदा शेयरों ने सकारात्मक रुख दिखाया. निफ्टी50 में केवल 6 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए. इनमें ONGC में 4.03 प्रतिशत की तेजी, Wipro में 1.22 प्रतिशत, Bharti Airtel में 0.82 प्रतिशत, TCS में 0.42 प्रतिशत, Coal India में 0.32 प्रतिशत और PowerGrid में 0.24 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. हालांकि इन गिने-चुने शेयरों की तेजी बाजार की कुल गिरावट को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं थी.
टॉप लूजर्स में बड़े नाम, भारी बिकवाली का असर
गिरावट के मामले में कई बड़े और प्रमुख शेयरों ने निवेशकों को निराश किया. Shriram Finance में सबसे ज्यादा 5.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसके बाद TVS Motor में 4.92 प्रतिशत, Reliance Industries में 4.61 प्रतिशत, IndiGo में 4.48 प्रतिशत और Bajaj Finance में 4.11 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. इन बड़े शेयरों में बिकवाली ने बाजार के दबाव को और बढ़ा दिया, जिससे इंडेक्स और नीचे खिसक गए.
निवेशकों की दौलत में 9 लाख करोड़ की भारी कमी
इस गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 431 लाख करोड़ रुपये से घटकर 422 लाख करोड़ रुपये रह गया. इसका मतलब है कि सिर्फ एक दिन में निवेशकों को लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जो इस गिरावट की गंभीरता को दर्शाता है. इतनी बड़ी गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.
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