‘होर्मुज को बना देंगे कब्रिस्‍तान’, ईरानी सेना IRGC ने दी खुली धमकी

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US Iran War: ईरानी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि यदि उस पर हमला जारी रहा तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा. अगर फिर से जंग शुरू हुई तो वे होर्मुज स्‍ट्रेट में तटवर्ती इलाकों को हमला करने वालों का कब्रिस्‍तान बना देंगे. ईरान का यह बयान उस समय आया जब अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स और हथियारबंद नौकाओं पर हमला किया.

आईआरजीसी ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में 25 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से उसकी निगरानी और सुरक्षा में सुरक्षित तरीके से गुजरे जिनमें तेल टैंकर, कंटेनर शिप और दूसरे कारोबारी जहाज शामिल थे. इन जहाजों ने पहले अनुमति ली थी और फिर सुरक्षित रास्ता दिया गया.

अमेरिकी ने ईरानी नौकाओं पर किया हमला  

आईआरजीसी की आधिकारिक बयान के मुताबिक, उसकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ‘स्मार्ट और कड़ा नियंत्रण’ बनाए हुए है. साथ ही उन्होने चेतावनी दी कि किसी भी ‘हमलावर कार्रवाई’ का ‘कड़ा और जोरदार जवाब’ दिया जाएगा. वहीं, इससे पहले सोमवार को अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं पर हमला किया था. इसकी जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से दी गई है.

अमेरिकी सेना ने हमले को लेकर क्‍या बताया?

सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने कहा कि ‘अमेरिकी सेना ने आज दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा के तहत कार्रवाई की, ताकि हमारे सैनिकों को ईरानी बलों से होने वाले खतरे से बचाया जा सके.’ उन्होंने कहा कि निशानों में मिसाइल लॉन्च साइट्स और वे ईरानी नौकाएं शामिल थीं जो समुद्र में माइन बिछाने की कोशिश कर रही थीं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ‘सीज़फायर के दौरान भी अमेरिकी सेंट्रल कमांड संयम बरतते हुए अपनी सेना की सुरक्षा करता रहेगा.’

तेल और ऊर्जा सप्लाई में आई भारी रुकावट

इन हमलों से पहले से ही कमजोर चल रहे युद्धविराम पर खतरा बढ़ गया है. 8 अप्रैल से लागू इस सीजफायर के बीच अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने के लिए समझौते की कोशिश कर रहे हैं. इस संघर्ष की कारण से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है, खासकर तेल और ऊर्जा सप्लाई में भारी रुकावट आई है. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है, जबकि अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रही है.

अमेरिकी सेना की नाकेबंदी जारी

वहीं, पिछले हफ्ते अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि इस नौसैनिक नाकेबंदी की वजह से 100 जहाजों का रास्ता बदलना पड़ा और चार जहाजों को रोक दिया गया. ईरान ने 28 फरवरी से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ और सख्त कर दी थी. उसने उन जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने से मना कर दिया था जो इजरायल या अमेरिका से जुड़े थे. यह फैसला दोनों देशों की ओर से ईरानी क्षेत्र पर संयुक्त हमलों के बाद लिया गया था. दूसरी ओर अमेरिका ने भी इस समुद्री रास्ते पर नौसैनिक नाकेबंदी लगा रखी है, जिससे ईरानी बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है.
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