Stock Market Crash: मिडिल ईस्ट तनाव से सेंसेक्स 1,836 अंक टूटा, निवेशकों के 14 लाख करोड़ डूबे

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Stock Market Crash: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा. अमेरिका-ईरान संघर्ष के और तेज होने से घरेलू बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी50 में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई.

सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट

बाजार बंद होने के समय बीएसई सेंसेक्स 2.46% यानी 1,836.57 अंक गिरकर 72,696.39 पर बंद हुआ. वहीं, एनएसई निफ्टी 2.60% यानी 601.85 अंकों की गिरावट के साथ 22,512.65 पर बंद हुआ. इससे पहले 19 मार्च को भी बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी.

इंट्रा-डे में और ज्यादा दबाव

इंट्रा-डे कारोबार के दौरान भी बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. सेंसेक्स 73,732.58 पर खुलने के बाद एक समय 1,974.5 अंक गिरकर 72,558.44 के निचले स्तर तक पहुंच गया. वहीं, निफ्टी 22,824.35 पर खुलकर 643 अंक टूटकर 22,471.25 तक फिसल गया.

डर का माहौल, VIX में उछाल

निफ्टी इंडिया अस्थिरता सूचकांक (India VIX) में तेज उछाल देखने को मिला. यह 19.11% बढ़कर 27.17 तक पहुंच गया और अंत में 17.17% की बढ़त के साथ 26.73 पर बंद हुआ. यह निवेशकों के बीच बढ़ती घबराहट और अनिश्चितता को दर्शाता है.

मिडकैप और स्मॉलकैप में ज्यादा गिरावट

व्यापक बाजारों में गिरावट और भी ज्यादा देखने को मिली. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 3.90 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 3.94 प्रतिशत तक गिर गए, जिससे छोटे निवेशकों को ज्यादा नुकसान हुआ.

सेक्टरवार भारी दबाव

सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी कंस्ट्रक्शन ड्यूरेबल्स में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई, जो सबसे ज्यादा नुकसान में रहा. इसके अलावा निफ्टी मेटल 4.97% और निफ्टी रियल्टी 4.74% तक टूटे. निफ्टी बैंक में 3.72%, ऑटो में 3.16%, एफएमसीजी में 2.49% और आईटी सेक्टर में सबसे कम 0.18% की गिरावट दर्ज की गई.

14 लाख करोड़ का नुकसान

इस गिरावट का असर बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 14 लाख करोड़ रुपये घटकर 428.76 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 415.11 लाख करोड़ रुपये रह गया.

एक्सपर्ट की राय

मार्केट एक्सपर्ट सुनील शाह ने कहा, “नए हफ्ते का पहला दिन निवेशकों के लिए काफी खराब रहा और सेंसेक्स में 1,800 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई.” उन्होंने आगे कहा, “वीकेंड के दौरान जो घटनाक्रम सामने आए और अमेरिका के राष्ट्रपति की ओर से दिया गया बयान, जिसमें कहा गया कि अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, उससे बाजार में नकारात्मक माहौल बना है.” उन्होंने बताया कि ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया और बढ़ते तनाव ने बाजार के सेंटीमेंट को और कमजोर कर दिया है.

वैश्विक असर और तेल की चिंता

एक्सपर्ट के अनुसार, भारत वैश्विक बाजारों के रुझान का अनुसरण करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट का असर भी घरेलू बाजार पर पड़ा है. इसके साथ ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत की अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट कंपनियों की कमाई पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं.

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