Stock Market Crash Today: लगातार तीन सत्रों की तेजी के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के चलते बाजार पर दबाव बढ़ा. इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली.
सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
बीएसई सेंसेक्स 2,496.89 अंक यानी 3.26 प्रतिशत गिरकर 74,207.24 पर बंद हुआ. वहीं एनएसई निफ्टी 775.65 अंक यानी 3.26 प्रतिशत टूटकर 23,002.15 के स्तर पर आ गया.
इंट्रा-डे में और भी गहरी गिरावट
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 73,950.95 के निचले स्तर तक फिसल गया, जो करीब 2,753 अंक या 3.6 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है. वहीं निफ्टी भी 22,930.35 के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया.
मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में
बाजार की कमजोरी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 3.19 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 2.94 प्रतिशत गिर गया, जिससे व्यापक बाजार में भी दबाव बना रहा.
सभी सेक्टर लाल निशान में
गुरुवार को सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए. सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी ऑटो में 4.25 प्रतिशत रही. इसके बाद रियल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, आईटी, मेटल और एफएमसीजी सेक्टर में भी 2 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई.
शेयरों में भारी बिकवाली
निफ्टी50 में लगभग सभी शेयरों में गिरावट देखने को मिली. केवल ओएनजीसी ही हरे निशान में रहा. श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और इटरनल जैसे शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, इंडिगो और ग्रासिम जैसे बड़े शेयर भी दबाव में रहे.
निवेशकों को बड़ा नुकसान
इस गिरावट का असर बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 12 लाख करोड़ रुपए घटकर 438 लाख करोड़ रुपए से गिरकर लगभग 426 लाख करोड़ रुपए पर आ गया.

