US-Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या मंगलवार को एक सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई. शिपिंग डेटा के अनुसार, इस दिन केवल 8 जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से गुजरे. यह 10 दिनों के औसत 12 जहाजों से भी कम है. एलएसईजी के आंकड़ों में मंगलवार को 11 जहाजों के गुजरने की जानकारी सामने आई, जबकि एक दिन पहले यह संख्या 14 थी.
ईंधन की कीमतों और शिपिंग लागत पर दबाव
युद्ध शुरू होने से पहले रोजाना करीब 130 से 140 जहाज इस जलमार्ग से गुजरते थे. दुनिया के तेल और एलएनजी का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से जाता है, जिससे आवाजाही घटने से वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों और शिपिंग लागत पर दबाव बढ़ रहा है. दुनिया की नजर अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ स्थिति फिलहाल ठीक चल रही है.
अमेरिकी सेना का पूरी तरह नियंत्रण
उन्होंने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी सेना का पूरी तरह नियंत्रण है. इस बीच अमेरिकी सेना ने एक पनामा के झंडे वाले मालवाहक जहाज को रोकने के लिए कार्रवाई की. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक जहाज ईरान के एक बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था और चेतावनी के बावजूद नहीं रुका. इसके बाद अमेरिकी सेना ने जहाज के स्टीयरिंग सिस्टम को निशाना बनाकर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं. कार्रवाई के बाद जहाज को आगे बढ़ने से रोक दिया गया.
नाकाबंदी पूरी तरह खत्म
दूसरी ओर ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी शर्तें पूरी होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलेगा. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई के मुताबिक अमेरिका को युद्ध और नाकाबंदी पूरी तरह खत्म करनी होगी. इसके साथ ईरान की जब्त संपत्तियां वापस करनी होंगी और क्षेत्र में युद्धविराम लागू करना होगा. इन मांगों के पूरा होने के बाद ही समुद्री रास्ते को खोलने पर विचार किया जाएगा.
इसे भी पढ़ें. ‘किसी भी सवाल का जवाब संसद में देने के लिए तैयार हूं’, विपक्ष के हंगामे के बीच गृह मंत्री अमित शाह का बयान