Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं और वहां रखी जाने वाली वस्तुओं को विशेष महत्व दिया गया है. मान्यता है कि घर के अलग-अलग कोनों का जीवन पर अलग प्रभाव पड़ता है. यही वजह है कि वास्तु के नियमों के अनुसार सही दिशा में सही वस्तु रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. इन्हीं दिशाओं में ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को भी बेहद महत्वपूर्ण माना गया है.
वास्तु के अनुसार, ईशान कोण में कुछ विशेष वस्तुएं रखने से घर में सुख-शांति बनी रहने के साथ आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं में इस दिशा को शुभ माना गया है. ऐसे में अगर आप भी जानना चाहते हैं कि ईशान कोण में किन चीजों को रखना शुभ माना जाता है, तो आइए जानते हैं…
ईशान कोण में रखें ये चीजें
- ईशान कोण के देवता भगवान शिव माने जाते हैं, वहीं देवगुरु बृहस्पति को इस दिशा का स्वामी ग्रह माना गया है. ऐसे में अगर आप ईशान कोण में गुरु यंत्र या भगवान शिव की प्रतिमा रखते हैं, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहने की मान्यता है. इससे करियर और आर्थिक पक्ष में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. गुरु ग्रह को संपन्नता का कारक माना जाता है, इसलिए ईशान कोण में गुरु यंत्र स्थापित करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने और तिजोरी में धन बढ़ने की मान्यता है.
- ईशान कोण में शंख रखना भी शुभ माना गया है. भगवान विष्णु के प्रतीक माने जाने वाले शंख को इस दिशा में रखने से सुख-समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता है. हालांकि, इस दिशा में रखे शंख की नियमित पूजा करनी चाहिए और इसे घर के सदस्यों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को नहीं छूने देना चाहिए. साथ ही इस शंख का इस्तेमाल बजाने के लिए नहीं करना चाहिए.
- कलश को भी घर के ईशान कोण में रखा जा सकता है. वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश को दैवीय शक्तियों के आह्वान का स्रोत माना जाता है. ऐसे में ईशान कोण में कलश रखने से देवी-देवताओं की कृपा बनी रहने की मान्यता है. इसके साथ ही वास्तु से जुड़े दोष दूर होने की बात भी कही जाती है. ईशान कोण में कलश रखने से आरोग्य की प्राप्ति और आर्थिक रूप से संपन्नता मिलने की भी मान्यता है.
- घर के ईशान कोण में श्रीफल रखना भी बेहद शुभ माना जाता है. श्रीफल को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है. ऐसे में ईशान कोण में श्रीफल रखने से जीवन में धन-धान्य की कमी नहीं रहने की मान्यता है. श्रीफल के प्रभाव से घर में मौजूद नकारात्मकता दूर होने और वातावरण के पवित्र व सात्विक बने रहने की भी धार्मिक मान्यता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
ये भी पढ़ें- Sawan 2026: सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि एक नहीं, जानें दोनों में क्या है बड़ा अंतर