Jade Plant Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में घर के अंदर पौधे लगाना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि पौधे न केवल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि वातावरण में सकारात्मकता बनाए रखने में भी मदद करते हैं. इन्हीं...
Vastu Tips: कहा जाता है कि घर में रखी हर चीज का सही दिशा और स्थान पर होना बेहद जरूरी है. वास्तु के अनुसार, इससे घर का वातावरण बेहतर रहने के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी बना रहता...
नमक जमीन पर गिरना भारतीय घरों में अक्सर अशुभ माना जाता है. जानिए वास्तु और ज्योतिष में नमक का महत्व, इसे चंद्रमा और शुक्र से क्यों जोड़ा जाता है और गलती से नमक गिर जाए तो क्या करना चाहिए.
अगर कमाई होने के कुछ दिनों बाद बचत के लिए पैसे नहीं बचते हैं तो खर्च की आदत के साथ घर की व्यवस्था पर भी ध्यान दें. जानिए आर्थिक समृद्धि से जुड़े 6 आसान वास्तु उपाय.
वास्तु शास्त्र में पेड़-पौधों को प्रकृति और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि पेड़ काटने से पहले उचित समय और विधि का ध्यान रखना चाहिए. जानिए 10 शुभ नक्षत्र और वृक्ष काटने से जुड़ी मान्यताएं.
ऑफिस से लौटने के बाद बैग को सीधे फर्श पर रखने की आदत है तो वास्तु के इन नियमों को जान लें. मान्यता के अनुसार काम से जुड़ा बैग आय, करियर और समृद्धि से जुड़ा होता है और इसे जमीन पर रखना शुभ नहीं माना जाता.
घर के मुख्य दरवाजे पर नेमप्लेट लगाते समय वास्तु के अनुसार उसके मैटेरियल और दिशा का ध्यान रखा जाता है. जानिए लकड़ी, मेटल और पत्थर की नेमप्लेट के लिए कौन सी दिशाएं शुभ मानी जाती हैं और इससे जुड़ी वास्तु मान्यताएं क्या हैं.
वास्तु शास्त्र में घर की बालकनी को सकारात्मक ऊर्जा और रोशनी के प्रवेश का महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है. मान्यता है कि बालकनी में कुछ चीजें रखने से नकारात्मकता बढ़ सकती है. जानिए किन चीजों को बालकनी में रखने से बचना चाहिए.
Lord Hanuman Picture: हिंदू धर्म में हनुमान जी को शक्ति, साहस, भक्ति और संकटमोचन के रूप में पूजा जाता है. कहा जाता है कि घर या कार्यस्थल पर हनुमान जी की तस्वीर लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता...
वास्तु शास्त्र में घर की व्यवस्था और दिशाओं को आर्थिक समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. जानें मुख्य द्वार, टूटी चीजों, नमक, उत्तर दिशा, तिजोरी और दीपक से जुड़े 6 आसान उपाय.
22 सितंबर 2026 मंगलवार को परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. जानिए आज का पंचांग, एकादशी तिथि, श्रवण नक्षत्र, ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त, शहरों के अनुसार राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय.