Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को बेहद शुभ माना गया है. मान्यता है कि यहां कुछ विशेष चीजें रखने से घर में सकारात्मकता, सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है.
वास्तु शास्त्र में किचन को घर की महत्वपूर्ण जगह माना गया है. मान्यताओं के अनुसार खाना बनाते समय मन की स्थिति और आसपास का माहौल भी महत्वपूर्ण होता है. जानें 5 जरूरी वास्तु नियम.
वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शाम के समय इसे कुछ देर खुला रखना शुभ माना जाता है. जानें मुख्य द्वार से जुड़े जरूरी वास्तु उपाय.
वास्तु शास्त्र में घर में रखी चीजों का भी विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि की तस्वीर, घर में फव्वारा और लाल रंग की वस्तुएं रखने से सकारात्मक ऊर्जा, उत्साह और उन्नति के मार्ग प्रशस्त हो सकते हैं.
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखी कुछ चीजें सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करती हैं. जानिए किन वस्तुओं को घर में नहीं रखना चाहिए और किन आसान नियमों को अपनाकर वास्तु दोष से बचा जा सकता है.
Kitchen Vastu : रसोई घर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है. ऐसे में अगर ये ही गलत दिशा में होती है तो घर के अंदर दरिद्रता और बीमारियां कोसों दूर से भी खिची चली आती हैं. हालांकि वास्तु शास्त्र...
Shakun Shastra: घर में दो छिपकलियों का आपस में लड़ना केवल एक सामान्य घटना है या किसी संकेत का प्रतीक? जानिए नारद संहिता, शकुन शास्त्र और वास्तु मान्यताओं के अनुसार इसका अर्थ और बताए गए उपाय.
Vastu Tips: घरों में अक्सर पड़ोसी, रिश्तेदार या परिचित को कोई जरूरी सामान तुरंत हाथ में पकड़ा देने की आदत होती है. जैसेः चाकू, कैंची, नमक, तेल या लोहे की कई वस्तु. लेकिन वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में कुछ...
Salt Vastu Tips: नमक के बिना खाना पीना अधूरा है. वहीं नमक का प्रयोग का वास्तु टिप्स के लिए भी किया जाता है. दरअसल, कई लोग लंबे समय से कुछ बीमारियों से परेशान रहते हैं. वहीं कई बार दवाएं...
वास्तु और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अलमारी में लंबे समय तक रखे पुराने, फटे और बिखरे कपड़े नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकते हैं. जानिए इन्हें व्यवस्थित रखने, दान करने और साफ-सफाई से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव.
6 महीने के बाद बच्चे को धीरे-धीरे ठोस आहार देना शुरू किया जाता है. जानिए अखरोट, अंडा और राजगीरा जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ बच्चे की डाइट में किस तरह शामिल किए जा सकते हैं.