TCS Q1 Results: देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा निर्यातक कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी के मुनाफे पर तिमाही आधार पर दबाव देखने को मिला, लेकिन सालाना आधार पर तस्वीर बेहतर रही. खास बात यह है कि कंपनी की आय में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है और निवेशकों के लिए अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया गया है.
जारी नतीजों के मुताबिक, जून तिमाही में टीसीएस का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ 13,349 करोड़ रुपये रहा. यह पिछली जनवरी-मार्च तिमाही के 13,718 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 3 प्रतिशत कम है. हालांकि एक साल पहले की समान तिमाही से तुलना करें तो कंपनी का मुनाफा बढ़ा है. वहीं, रेवेन्यू 72 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है.
तिमाही आधार पर 3% घटा मुनाफा
वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में टीसीएस ने 13,349 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया. इससे पिछली तिमाही यानी जनवरी-मार्च में कंपनी का शुद्ध लाभ 13,718 करोड़ रुपये रहा था. इस हिसाब से तिमाही आधार पर मुनाफे में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. यानी पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी का शुद्ध लाभ कम हुआ है. तिमाही आधार पर गिरावट के बावजूद सालाना तुलना में टीसीएस का प्रदर्शन बेहतर रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 12,760 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था. इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये पहुंच गया. इस तरह सालाना आधार पर कंपनी के नेट प्रॉफिट में करीब 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
रेवेन्यू बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये पहुंचा
अप्रैल-जून तिमाही में टीसीएस की ऑपरेशंस से आय में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई. कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़कर 72,275 करोड़ रुपये हो गया. एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी की ऑपरेशंस से आय 63,437 करोड़ रुपये थी. तिमाही आधार पर भी रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई है. पिछली तिमाही में यह 70,698 करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले जून तिमाही में करीब 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
निवेशकों को मिलेगा 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड
तिमाही नतीजों के साथ टीसीएस ने अपने शेयरधारकों के लिए अंतरिम डिविडेंड की भी घोषणा की है. कंपनी के निदेशक मंडल ने 12 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड मंजूर किया है. इसके लिए 15 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है. पात्र शेयरधारकों को डिविडेंड का भुगतान 31 जुलाई 2026 को किया जाएगा.
CEO के. कृतिवासन ने नतीजों पर क्या कहा?
नतीजों पर टिप्पणी करते हुए टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक के. कृतिवासन ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक कारोबारी माहौल का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक और व्यापक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने अपनी विकास गति बनाए रखी है.के. कृतिवासन ने कहा, “वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे हमारी मजबूत रणनीतिक स्थिति और निरंतर विकास को दर्शाते हैं.
इस दौरान हमें 9.5 अरब डॉलर की मजबूत ऑर्डर बुक मिली, जिसमें एसकेएफ के साथ एआई-आधारित बड़े ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट का अनुबंध भी शामिल है. साथ ही हमने विभिन्न राजस्व श्रेणियों में नए ग्राहक जोड़े और हमारे एआई कारोबार का वार्षिक राजस्व रन रेट बढ़कर 2.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.”
9.5 अरब डॉलर की मजबूत ऑर्डर बुक
पहली तिमाही में टीसीएस को 9.5 अरब डॉलर की ऑर्डर बुक मिली. इसमें एसकेएफ के साथ एआई आधारित बड़े ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट का अनुबंध भी शामिल है. कंपनी के मुताबिक, अलग-अलग राजस्व श्रेणियों में नए ग्राहक भी जुड़े हैं. वहीं, एआई कारोबार का वार्षिक रेवेन्यू रन रेट बढ़कर 2.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
ऑपरेटिंग मार्जिन 24% रहा
जून तिमाही में टीसीएस का ऑपरेटिंग मार्जिन 24 प्रतिशत दर्ज किया गया. वहीं, कंपनी का नेट मार्जिन 19.2 प्रतिशत रहा. परिचालन गतिविधियों से कंपनी ने 12,412 करोड़ रुपये का नेट कैश हासिल किया. यह कंपनी के शुद्ध लाभ का 93 प्रतिशत रहा. न तिमाही के अंत तक टीसीएस में कुल 5,93,798 कर्मचारी कार्यरत थे. यह आंकड़ा कंपनी के बड़े वैश्विक वर्कफोर्स को दर्शाता है. वहीं, आईटी सर्विसेज कारोबार में पिछले 12 महीनों की एट्रिशन दर 13.6 प्रतिशत दर्ज की गई. एट्रिशन दर से पता चलता है कि एक निश्चित अवधि में कितने कर्मचारी कंपनी छोड़कर गए.
यह भी पढ़े: India-New Zealand Relations: पीएम मोदी की यात्रा से रिश्तों को नई रफ्तार, FTA पर साइमन वॉट्स का बड़ा बयान