Workplace Culture: अच्छी सैलरी और बेहतर पद मिलने के बावजूद कई कर्मचारी अपनी नौकरी बदलने का मन बना लेते हैं. इसकी वजह हमेशा कम कमाई नहीं होती, बल्कि ऑफिस का माहौल, मैनेजमेंट का रवैया और काम के दौरान मिलने वाला दबाव भी हो सकता है. कई बार बॉस के साथ तालमेल न बैठना या कर्मचारियों की जरूरतों को नजरअंदाज करना भी लोगों को दूसरी नौकरी तलाशने के लिए प्रेरित करता है.
काम का माहौल भी डालता है असर
जीनियस एचआरटेक लिमिटेड की सितंबर 2026 की रिपोर्ट में भी कर्मचारियों की ऐसी ही चिंताएं सामने आई हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 47 प्रतिशत कर्मचारियों ने खराब मैनेजमेंट और वर्कप्लेस कल्चर को नौकरी बदलने के बारे में सोचने की प्रमुख वजह बताया. वहीं, 30 प्रतिशत कर्मचारियों ने अपनी परेशानी की वजह कम वेतन को माना. इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि नौकरी में बने रहने के फैसले पर सैलरी के साथ-साथ काम का माहौल भी असर डालता है.
नौकरी बदलने के पीछे क्या हैं प्रमुख कारण? Workplace Culture
रिपोर्ट में कर्मचारियों की राय के आधार पर नौकरी बदलने या मौजूदा कंपनी में बने रहने से जुड़ी कुछ अहम बातें सामने आई हैं.
- 47% कर्मचारी: खराब मैनेजमेंट और ऑफिस के माहौल से परेशान हैं और इसे नौकरी बदलने की अहम वजह मानते हैं.
- 30% कर्मचारी: बाजार में उपलब्ध वेतन के मुकाबले कम सैलरी मिलने से असंतुष्ट हैं.
- 39% कर्मचारी: बेहतर मैनेजमेंट, सकारात्मक ऑफिस कल्चर और काम में अधिक लचीलापन मिलने पर मौजूदा कंपनी में बने रहने के लिए तैयार हो सकते हैं.
इन आंकड़ों से पता चलता है कि कर्मचारियों के लिए केवल वेतन बढ़ना ही पर्याप्त नहीं है. वे ऐसी जगह काम करना चाहते हैं, जहां उनके साथ अच्छा व्यवहार हो और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए बेहतर माहौल मिले.
कुल 1,255 कर्मचारियों की राय शामिल की गई
जीनियस एचआरटेक लिमिटेड की यह रिपोर्ट 1 से 30 सितंबर 2026 के बीच जुटाई गई जानकारी पर आधारित है. इसमें कुल 1,255 कर्मचारियों की राय शामिल की गई. सर्वे में आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, टेलीकॉम, रिटेल, फाइनेंस, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं (BFSI), एफएमसीजी और इंजीनियरिंग जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी शामिल थे. विभिन्न सेक्टर के कर्मचारियों की राय को शामिल करने का उद्देश्य नौकरी बदलने के पीछे की वजहों और कर्मचारियों की अपेक्षाओं को समझना था.
कर्मचारियों को रोकने के लिए कंपनियों को क्या करना चाहिए?
रिपोर्ट के आंकड़े संकेत देते हैं कि कर्मचारियों को कंपनी में बनाए रखने के लिए सिर्फ सैलरी बढ़ाने पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं हो सकता. मैनेजर का व्यवहार, टीम के सदस्यों के साथ सहयोग, काम का दबाव और कर्मचारियों को मिलने वाली आजादी भी उनकी संतुष्टि में अहम भूमिका निभाते हैं. अगर कर्मचारियों को अपनी बात रखने का अवसर मिले, उनके काम की सराहना हो और जरूरत के मुताबिक लचीलापन दिया जाए, तो कंपनी के प्रति उनका भरोसा बढ़ सकता है. इसके अलावा, स्पष्ट जिम्मेदारियां और सहयोगी नेतृत्व भी कार्यस्थल को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. कुल मिलाकर, रिपोर्ट इस बात की ओर इशारा करती है कि नौकरी में संतुष्टि का संबंध सिर्फ हर महीने मिलने वाली सैलरी से नहीं है. कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक व्यवहार, बेहतर मैनेजमेंट और सकारात्मक ऑफिस कल्चर भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं.