इजरायल-ईरान जंग के बीच इस्लामाबाद में मुस्लिम राष्ट्रों की बैठक, विदेश मंत्रियों का होगा जमावड़ा

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

इस्लामाबाद: इजरायल-ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग के बीच इस्लामाबाद में इस्लामिक राष्ट्रों की बड़ी बैठक आयोजित की है. पाकिस्तान, सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों की मेजबानी करने जा रहा है. इनकी मुलाकात में पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में ईरान युद्ध के बीच तनाव कम करने के प्रयासों सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी. शनिवार को विदेश कार्यालय ने यह जानकारी दी.

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के निमंत्रण पर सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान और मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती रविवार और सोमवार को इस्लामाबाद आएंगे. विदेश कार्यालय ने कहा कि इस यात्रा के दौरान तीनों विदेश मंत्री क्षेत्रीय तनाव कम करने के प्रयासों सहित विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा करेंगे. मेहमान नेता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे. विदेश कार्यालय ने आगे कहा कि पाकिस्तान अपने भाईचारे वाले देशों सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है. यह यात्रा इन देशों के साथ पाकिस्तान के सहयोग और समन्वय को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी.

जियो न्यूज ने रिपोर्ट किया कि यह बैठक पहले तुर्की में होने वाली थी, लेकिन इशाक डार की व्यस्तता की वजह से उन्होंने नेताओं से अनुरोध किया कि वे इस्लामाबाद आएं. डार ने कहा, “बैठक तुर्की में होने वाली थी, लेकिन मेरी व्यस्तता के कारण मैंने अपने भाइयों से अनुरोध किया कि वे कल (रविवार) इस्लामाबाद में मिलें.” उप प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान चल रहे विवादों को सुलझाने के लिए “ईमानदारी और निष्ठा” के साथ काम कर रहा है. डार ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन वार्ता की संवेदनशील प्रकृति की वजह से अधिकारी सार्वजनिक बयान देने से परहेज कर रहे हैं. पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा था कि वह क्षेत्र और उससे बाहर के सभी हितधारकों के साथ “सक्रिय और रचनात्मक रूप से जुड़ा हुआ” है ताकि ईरान युद्ध को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त किया जा सके.

पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इस्लामाबाद में इस सप्ताहांत प्रत्यक्ष वार्ता की किसी भी संभावना की स्पष्ट पुष्टि नहीं की. प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान ने क्षेत्रीय हितधारकों और क्षेत्र से बाहर के पक्षों के साथ “सक्रिय और रचनात्मक रूप से जुड़ाव बनाए रखा है तथा तत्काल डी-एस्केलेशन, शत्रुता समाप्त करने और शांतिपूर्ण समाधान की ओर अपरिवर्तनीय रास्ता अपनाने की लगातार वकालत की है.” पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच संदेश पहुंचाने की भी पुष्टि की. उसने कहा कि संवाद और कूटनीति ही पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता है.

Latest News

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को 1330 दोहों वाली कौन सी किताब गिफ्ट की? जानें इसका रूस से क्या है कनेक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रसिद्ध तमिल कृति ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया. 133 अध्यायों और 1,330 दोहों वाली इस रचना का संबंध भारत और रूस के पुराने साहित्यिक जुड़ाव से भी बताया जाता है.

More Articles Like This

Exit mobile version