मिस्र में मीडिया की स्वतंत्र पर हमला, इस न्यूज पोर्टल को बंद करने का आदेश, संपादक हिरासत में

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Cairo: मिस्र की एक अदालत ने देश के गिने-चुने स्वतंत्र समाचार माध्यमों में शामिल ‘मदा मस्र’ को बंद करने का आदेश दिया है. अदालत ने इसकी संस्थापक और प्रधान संपादक लीना अत्ताल्लाह को बिना लाइसेंस वेबसाइट चलाने का दोषी ठहराया. मंगलवार को आए फैसले के तहत उन पर करीब 53,400 अमेरिकी डॉलर के बराबर जुर्माना लगाया गया है. न्यायाधीश ने जुर्माने का भुगतान होने तक उन्हें हिरासत में रखने का निर्देश दिया. इस फैसले को मिस्र में सिमटती प्रेस स्वतंत्रता के बीच एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है. ‘मदा मस्र’ भ्रष्टाचार, सेना की बढ़ती भूमिका और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों की खोजी रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है.

देश में समाचार पत्रों और टेलीविजन चैनलों पर अधिकारियों का कड़ा नियंत्रण है. अदालत के फैसले से पहले मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने अत्ताल्लाह के खिलाफ मुकदमे को स्वतंत्र मीडिया पर हो रहे आक्रामक हमले में बढ़ोतरी बताया था. वहीं, ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ ने फैसले को मिस्र में प्रेस की स्वतंत्रता के लिए करारा झटका करार दिया. संगठन के अनुसार, भारी जुर्माना लगाने, समाचार पोर्टल बंद करने, उसकी संपत्ति जब्त करने और संपादक को हिरासत में रखने का आदेश स्वतंत्र पत्रकारिता के प्रति अधिकारियों के रुख को दर्शाता है. मानवाधिकार संगठन ‘इजिप्शियन इनीशिएटिव फॉर पर्सनल राइट्स’ के प्रमुख होसाम बहगात ने बताया कि सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने बचाव पक्ष की याचिकाएं खारिज कर दीं.

 
‘मदा मस्र’ का कहना है कि उसने वर्ष 2018 में वेबसाइट के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन अधिकारियों की ओर से उसे कोई जवाब नहीं मिला. इसके बावजूद बिना लाइसेंस वेबसाइट चलाने के मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई की गई. पोर्टल की वेबसाइट वर्ष 2017 से ही मिस्र में अवरुद्ध है. संस्थान के मुताबिक, पिछले छह वर्षों में उसके खिलाफ या उसके पत्रकारों पर यह छठा मामला है. अत्ताल्लाह के अधिवक्ता हसन अल-अजहरी ने कहा कि पोर्टल बंद करने के आदेश के खिलाफ अपील की जाएगी. इससे मामले में आगे कानूनी लड़ाई जारी रहने की संभावना है. एमनेस्टी इंटरनेशनल और दुनिया भर के 118 अन्य नागरिक समाज संगठनों तथा स्वतंत्र मीडिया संस्थानों ने मिस्र के अधिकारियों से ‘मदा मस्र’ को निशाना बनाना बंद करने और उसे लाइसेंस देने की अपील की है. इन संगठनों की चिंता है कि इस तरह की कार्रवाई स्वतंत्र समाचार संस्थानों के कामकाज और खोजी पत्रकारिता को प्रभावित कर सकती है. मालूम हो कि ‘मदा मस्र’ लंबे समय से उन मुद्दों पर रिपोर्टिंग करता रहा है, जिनमें भ्रष्टाचार, सेना की भूमिका और मानवाधिकारों से जुड़े सवाल शामिल हैं. यह मामला मिस्र में स्वतंत्र मीडिया के खिलाफ व्यापक कार्रवाई के बीच सामने आया है.

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