Azam khan: पूर्व मंत्री आजम खां की मुश्किले कम होने का नाम नहीं ले रही है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके मंत्री रहने के दौरान जल निगम में हुए सभी कार्यों का ब्योरा राज्य सरकार से मांगा है. खासकर उनके मंत्री रहने के दौरान जिन फर्मों को अधिक कार्य दिए गए, उनके बारे में पूछा है. मालूम हो कि आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और उनकी जौहर ट्रस्ट की जांच ईडी कर रही है.
सूत्रों के अनुसार, जौहर ट्रस्ट, जौहर विश्वविद्यालय की जांच के दौरान ईडी को जल निगम में वर्ष 2012 से 2019 के बीच बड़े पैमाने पर अनियमिताओं को अंजाम दिए जाने के पुख्ता सुराग मिल रहे हैं. आजम खां वर्ष 2012 से 2017 तक नगर विकास विभाग के मंत्री थे, जिसके अधीन जल निगम भी था. वर्ष 2019 के बाद संबंधित कार्य जल जीवन मिशन की स्थापना होने की वजह से उसके तहत कराए जाने लगे.
आजम खां के मंत्री रहने के दौरान हुए कार्यों की विस्तृत जांच के लिए ईडी ने सभी कार्यों से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं. ये भी जानकारी देने को कहा है कि आजम खां के मंत्री रहने के दौरान कितनी निविदाएं स्वीकृत हुईं, किन फर्मों को प्रचार-प्रसार का काम दिया गया, कितना भुगतान हुआ और कितने अनुबंध किए गए. साथ ही इस दौरान किन अधिकारियों की तैनाती जल निगम में थी.
ईडी ने की विश्वविद्यालय के कुलपति से पूछताछ
वहीं, दूसरी तरफ ईडी ने बृहस्पतिवार को जौहर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर जहीरूद्दीन से गहन पूछताछ की. मालूम हो कि वर्तमान में यूनिवर्सिटी में पूर्व मंत्री आजम खां चांसलर और उनके बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खां प्रो-चांसलर हैं. ईडी के अधिकारियों ने उनसे जौहर ट्रस्ट में उनकी भूमिका और कुलपति के पद पर तैनाती की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ की.
साथ ही विश्वविद्यालय में सरकारी विभागों की रकम से बने भवनों के बारे में भी पूछताछ की. इसके अलावा चार समन देने के बावजूद पेश नहीं हो रहे ए एंड एस इंटरप्राइजेज के सलीम ने भी बृहस्पतिवार को ईडी के सामने पेश होकर अपना बयान दर्ज कराया है. दोनों से करीब आठ घंटे तक चली पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया. अगले सप्ताह ईडी जौहर ट्रस्ट के सभी टस्ट्रियों से भी पूछताछ करेगी.