Cyclone Arnab Weather Update: आसमान से बरसती आफत ने देश के बड़े हिस्से की रफ्तार थाम दी है. बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम चक्रवात ‘अर्नब’ के असर और सक्रिय मानसूनी गतिविधियों ने एक साथ कई राज्यों में मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है. कहीं मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित है, तो कहीं तेज हवाओं और लैंडस्लाइड के खतरे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड और ओडिशा से लेकर आंध्र प्रदेश तक प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है. कई इलाकों में स्कूल बंद करने पड़े हैं, संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और किसानों की तैयार फसलों पर भी संकट मंडरा रहा है. आखिर चक्रवात ‘अर्नब’ का असर कहां-कहां पड़ रहा है और अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है, जानिए पूरी जानकारी…
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में चक्रवात का असर
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं. दक्षिण और पश्चिम ओडिशा के निचले इलाकों और लैंडस्लाइड की आशंका वाले क्षेत्रों से करीब 10,000 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत केंद्रों में पहुंचाया गया है. सुरक्षा को देखते हुए मलकानगिरी और अन्य प्रभावित जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों और पुलों पर आवाजाही रोक दी गई है. कई जिलों में स्कूलों में भी अवकाश घोषित किया गया है. समुद्र में उथल-पुथल को देखते हुए मछुआरों को तट से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है.
उत्तर प्रदेश में 40 घंटे से ज्यादा बारिश
उत्तर प्रदेश में पिछले 40 घंटे से अधिक समय से रुक-रुककर बारिश हो रही है. लगातार बारिश के कारण तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.बारिश का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है. लगातार खराब मौसम को देखते हुए राज्य के कई जिलों में शनिवार को स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं.
उत्तराखंड में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी मौसम ने गंभीर रूप ले लिया है. नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जैसे जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. नैनीताल जिले में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की और संबंधित विभागों को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं.
तेज हवाओं ने किसानों की बढ़ाई चिंता
लगातार बारिश के साथ 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को बारिश और तेज हवाओं से भारी नुकसान की आशंका है. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों तक पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में भी झमाझम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. ऐसे में किसानों को अपनी तैयार फसल को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है.
लोगों से अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील
लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है. संवेदनशील इलाकों में प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और मौसम की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है.