Bangladesh Landslide: बांग्लादेश से बड़ी खबर सामने आई है. पूर्वी बांग्लादेश में मानसून की भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन में कम से कम आठ रोहिंग्या शरणार्थियों की जान चली गई, जिनमें पांच बच्चे शामिल हैं.
कॉक्स बाजार जिले में फायर सर्विस और सिविल डिफेंस के अधिकारी डॉलर त्रिपुरा ने बताया कि रविवार की देर रात से सोमवार सुबह तक कई पहाड़ियों के ढहने के बाद बचाव कर्मियों ने सात शव बरामद किए, जबकि आठवां शव शरणार्थियों को मिला. उन्होंने बताया कि दो बच्चे घायल हालत में मिले हैं.
अधिकारियों ने बताया
अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश और पहाड़ी ढलानों पर बहते तेज पानी के कारण मिट्टी ढीली हो गई, जिससे कच्चे घर ढह गए. त्रिपुरा ने कहा कि भूस्खलन से कैंपों में कम से कम चार जगहों पर असर पड़ा, जिससे सो रहे लोगों के घर मिट्टी और मलबे के नीचे दब गए. उन्होंने कहा, “सभी शव स्थानीय शरणार्थी नेताओं और पुलिस के जरिए परिवारों को सौंप दिए गए हैं.”
अधिकारियों ने बताया कि वे शरणार्थियों को पहाड़ी इलाकों से सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रहे हैं, जहां खतरा ज्यादा है, अब तक लगभग 1,000 लोगों को वहां से हटाया जा चुका है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में राजधानी ढाका में और बारिश का अनुमान जताया है.
UNHCR के मुताबिक, 2021 और 2026 के बीच शरणार्थी कैंपों में इसी तरह के भूस्खलन की घटनाओं में 36 शरणार्थियों की मौत हुई और कम से कम 86 लोग घायल हुए. पड़ोसी देश म्यांमार से भागकर आए 10 लाख से ज्यादा शरणार्थी बांग्लादेश के कैंपों में निवास करते हैं.

