बीजापुरः छत्तीसगढ़ दहशत फैलाने वाली खबर सामने आई है. यहां बीजापुर जिले में अज्ञात लोगों ने सरकारी स्कूलों में अस्थायी अतिथि शिक्षक एक शिक्षादूत की धारदार हथियार से हत्या कर दी. आशंका जताई जा रही है कि इस वारदात को माओवादियों ने अंजाम दिया है. फिलहांल, पुलिस घटना की जांच-पड़ताल में जुटी हैं.
इस रूप में हुई शिक्षादूत की पहचान
यह घटना बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के तोड़का गांव में हुई. शिक्षा दूत की बेरहमी से हत्या कर दी. मृतक की पहचान कल्लू ताती (25 वर्ष) के रूप में हुई है, जो तोड़का के ही रहने वाले थे. कल्लू ताती गंगालूर क्षेत्र के नेड्रा स्कूल में पदस्थ था. बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम स्कूल से लौटते समय माओवादियों ने कल्लू ताती का अपहरण कर लिया था और देर रात उनकी हत्या कर दी.
पुलिस अधिकारियों ने बताया
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के गांव तोड़का की है, जहां अज्ञात लोगों ने शिक्षादूत कल्लू ताती (25) की धारदार हथियार से हत्या कर दी. उन्होंने बताया कि ताती जिले के गांव लेंड्रा के स्कूल में शिक्षादूत के रूप में कार्यरत थे. पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस घटना को नक्सलियों ने अंजाम दिया है.
हालांकि घटनास्थल से कोई भी माओवादी पर्चा बरामद नहीं हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद शनिवार सुबह सुरक्षाबलों की एक टीम को घटनास्थल पर भेजा गया. पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है.
कौन हैं शिक्षा दूत?
मालूम हो कि बस्तर संभाग के दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय तक स्कूल बंद रहे हैं. ऐसे में शासन ने स्थानीय युवाओं को शिक्षा दूत के रूप में नियुक्त कर स्कूलों को पुनः संचालित करने का प्रयास किया. उनकी वजह से कई गांवों में शिक्षा की लौ फिर से जली है और बच्चे स्कूल पहुंचने लगे हैं.
अब तक 9 शिक्षादूतों की हत्या
बंद पड़े स्कूलों के पुनः संचालन के बाद से अब तक नक्सली जिले में कुल पांच शिक्षादूतों की हत्या कर चुके हैं. वहीं बीजापुर और सुकमा जिले से अब तक 9 शिक्षादूतों की हत्या की वारदात हुई है. सूत्रों की माने तो, माओवादियों को शक है कि यह शिक्षा दूत मुखबिरी करते हैं, जिसके कारण इलाके में दहशत फैलाने के लिए शिक्षादूतों की हत्या की घटना की अंजाम दे रहे हैं.