China: चीन ने ताइवान के चारों ओर बढ़ाई समुद्री घेराबंदी, डबल की कोस्ट गार्ड की तैनाती

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

China: ताइवान पर अपना दबाव बढ़ाने के लिए अब चीन ने सैन्य जहाजों के साथ-साथ कोस्ट गार्ड और सरकारी अनुसंधान जहाजों की तैनाती भी तेज कर दी है. ताइवान का दावा है कि जून महीने में उसके आसपास चीनी सरकारी जहाजों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है. बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए ताइवान ने संभावित समुद्री नाकेबंदी से निपटने के लिए युद्ध जैसी तैयारियां शुरू कर दी हैं.

ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान के कोस्ट गार्ड एडमिनिस्ट्रेशन (CGA) ने जून महीने में अपने आसपास 55 चीनी सरकारी जहाजों की मौजूदगी दर्ज की, जबकि मई में यह संख्या 30 और पिछले वर्ष इसी अवधि में केवल 25 थी.

इन जहाजों में चीनी कोस्ट गार्ड और रिसर्च वेसल शामिल हैं. हालांकि, चीन की मुख्य भूमि के पास स्थित ताइवान नियंत्रित द्वीपों के आसपास की गतिविधियों को इस आंकड़े में शामिल नहीं किया गया है. ताइवान के अधिकारियों का कहना है कि बीजिंग अब सिर्फ सैन्य ताकत नहीं, बल्कि ‘लॉफेयर’ (Lawfare) यानी कानूनी और प्रशासनिक उपायों के जरिए भी ताइवान पर अपने दावे को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. चीन की सेना लगभग रोज ताइवान के आसपास सक्रिय रहती है, लेकिन अब कोस्ट गार्ड की भूमिका लगातार बढ़ रही है.

ताइवान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार को आशंका है कि भविष्य में किसी संघर्ष की स्थिति में चीन प्रशांत महासागर से आने वाले आपूर्ति मार्गों को बाधित या ब्लॉक करने की कोशिश कर सकता है. इसी खतरे को देखते हुए ताइवान ने अपनी नौसेना के साथ टेबलटॉप एक्सरसाइज और लाइव ड्रिल आयोजित की हैं, ताकि समुद्री सप्लाई लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवानी अधिकारियों का मानना है कि चीन ने अपने कुछ पुराने नेवी डेस्ट्रॉयर जहाजों को कोस्ट गार्ड के रंग में रंगकर तैनात किया है. इससे इन जहाजों की क्षमता सामान्य कानून प्रवर्तन जहाजों की तुलना में कहीं अधिक हो गई है. ये जहाज अक्सर ताइवान के आर्थिक समुद्री क्षेत्र (EEZ) के बाहर जोड़े में गश्त करते हैं, जिससे ताइवान के कोस्ट गार्ड पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है.

ताइवान ने आरोप लगाया है कि चीनी कोस्ट गार्ड जहाज रेडियो संदेश भेजकर व्यापारिक जहाजों से उनके बंदरगाह में प्रवेश और निकासी की जानकारी मांगते हैं. ताइवान ने अपने और विदेशी व्यापारिक जहाजों को ऐसे संदेशों को नजरअंदाज करने और सामान्य तरीके से नौवहन जारी रखने का निर्देश दिया है.

ताइवान के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, चीन की इन गतिविधियों का उद्देश्य क्षेत्र की मौजूदा स्थिति (Status Quo) को बदलना और लगातार समुद्री दबाव बनाकर अपने दावों को मजबूत करना है, जबकि इस क्षेत्र में चीन का कोई कानूनी अधिकार नहीं है. इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

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