नेपाल में आफत की बाढ़ः 40 घर और 6 पुल बहे, 150 से अधिक विदेशी पर्यटक फंसे

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Nepal Flood: रविवार तड़के नेपाल के मनासलू ट्रेकिंग क्षेत्र में बूढ़ी गंडकी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने एक बार फिर तबाई मचाई है. तेज बहाव में करीब 40 घर, 6 पुल और पनबिजली बुनियादी ढांचा बह गए, जबकि 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं.

वहीं, ट्रेकिंग सीजन होने के चलते इस बाढ़ के कारण 150 से अधिक विदेशी पर्यटक रास्ते में फंस गए हैं. गनीमत यह रही कि समय रहते भेजे गए SMS अलर्ट के कारण कई स्थानीय लोग सुरक्षित ऊंचे इलाकों की ओर चले गए, जिससे बड़ा जान-माल का नुकसान होने से बच गया. फिलहाल, युद्धस्तर पर राहत बचाव का कार्य जारी है.

सेना और राहत एजेंसियों ने अब तक 49 लोगों को सुरक्षित निकाला है. अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने का आदेश दिया और निचले इलाकों वाले जिलों को अलर्ट जारी किया.

मालूम हो कि रविवार सुबह 4 बजे बुढ़ी गंडक नदी में अचानक आए मलबे से लदे तेज सैलाब ने भारी तबाही मचाई है. अचानक आई बाढ़ के बाद आसपास की धाराओं से तेज आवाजें सुनते ही चुमलिंग और लोकपा जैसी बस्तियों के लोग तथा वहां ठहरे पर्यटक अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागे.

मनासलू ट्रेकिंग क्षेत्र में 150 से अधिक विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं. अधिकारियों को आशंका है कि भूस्खलन के कारण किसी सहायक नदी का प्रवाह अस्थायी रूप से बाधित हो गया था, जिससे भारी मात्रा में पानी और मलबा जमा हो गया.

बाद में रुकावट हटने पर पानी तीव्र वेग से नीचे की ओर बहा. हालांकि, प्रशासन अभी तक बाढ़ के सटीक कारणों का पता नहीं लगा पाया है. इस आपदा में उंगिलुंग नदी के पास रहने वाले पांच लोग- जिनमें दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं और करीब चार से पांच चरवाहे अभी भी लापता हैं.

 

बाढ़ के प्रकोप से लगभग 40 घर और एक प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं, जबकि 20 से 22 अन्य मकानों पर भी ढहने का खतरा मंडरा रहा है. बाढ़ की वजह से छह पुल बह गए, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है.

बाढ़ से जलविद्युत परियोजना भी प्रभावित

सल्लेरी में निर्माणाधीन 341 मेगावाट की बूढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना के निर्माण शिविर और उपकरणों को भी बाढ़ के पानी ने पूरी तरह तबाह कर दिया है. अरुघाट में बूढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर 5 मीटर के खतरे के निशान को पार कर 8.4 मीटर तक पहुंच गया, जिसके बहाव में मॉनिटरिंग स्टेशन बह गया और जलस्तर का सटीक आंकड़ा जुटाने में बाधा आ रही है.

प्रशासन ने जारी की ये चेतावनी

प्रशासन ने धाडिंग, तनाहुन, चितवन और पूर्वी व पश्चिमी नवलपरासी जिलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है. साथ ही कहा है कि त्रिशूली और नारायणी नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले निवासियों को नदी के किनारों से दूर रहें.

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