चंडीगढ़: पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही है. अरोड़ को गिरफ्तार करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट में पेश किया. अरोड़ा को सात दिन के रिमांड पर भेज दिया गया.
मालूम हो कि शनिवार को ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद अरोड़ा को गिरफ्तार किया था. एजेंसी ने कोर्ट से कहा कि मामले में मनी ट्रेल, जमीन सौदों और कथित वित्तीय लेनदेन को लेकर गहन पूछताछ जरूरी है.
अदालत में ईडी की ओर से दावा किया गया कि जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े इनपुट मिले हैं, जिनकी कड़ियां जोड़ने के लिए अरोड़ा से आमने-सामने पूछताछ जरूरी है. एजेंसी ने यह भी कहा कि मामले में कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
बताया जा रहा है कि रिमांड के दौरान ईडी अरोड़ा से चंडीगढ़, मोहाली और लुधियाना से जुड़े कुछ प्रोजेक्ट्स, कथित शेल कंपनियों और प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन को लेकर पूछताछ कर सकती है. वहीं, एजेंसी कुछ अन्य कारोबारियों और अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए तलब कर सकती है.
उधर, इस कार्रवाई को लेकर पंजाब की सियासत भी गरमा गई है. आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है. भाजपा नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है.