लखनऊः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झांसी में गरौठा से समाजवादी पार्टी से विधायक रहे दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आने के बाद बुधवार को शिकंजा कस दिया. पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों के घर व अन्य ठिकानों पर ईडी की आधा दर्जन टीमों ने छापा मारा. झांसी और लखनऊ में एक साथ पड़ताल की.
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के साथ ही आय से अधिक संपत्ति और अन्य मामलों में दबंग विधायक रहे दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ शिकंजा कसा गया है. इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी पहले कार्रवाई की गई है. अधिकांश मामले अवैध खनन के भी हैं.
बुधवार सुबह 6.30 बजे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमों ने पूर्व विधायक के कई ठिकानों पर छापामारी की. ईडी के अधिकारियों ने भगवंत पुरा में मून सिटी के साथ पूर्व विधायक के पैतृक गांव बुढ़ावली के साथ कई और ठिकानों पर एक साथ छापा मारा. पूर्व विधायक के पीए अशोक गोस्वामी के घर भी ईडी ने रेड की. इस दौरान मून सिटी के बाहर पैरा मिलिट्रि फोर्स और पीएसी तैनात रही. मोठ में पूर्व चेयरमैन अनिरुद्ध यादव उर्फ बड़े राजा के घर भी छापे मारे गए हैं.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रयागराज जोनल कार्यालय ने बुधवार सुबह धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव के झांसी और लखनऊ में कई ठिकानों पर छापेमारी की. झांसी में टीम ने मूनसिटी और सीपरी बाजार थाना के ताज कंपाउंड में में पूर्व विधायक के पीए अशोक गोस्वामी के घर पहुंचकर जांच शुरु की.
पूर्व विधायक से पूछताछ
गरौठा से पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके सहयोगियों के खिलाफ यह कार्रवाई लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में की गई. ईडी के मुताबिक, जांच उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की एफआईआर के आधार पर दर्ज ईसीआईआर पर आधारित है. एफआईआर में पूर्व विधायक पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. ईडी की टीम ने पूर्व विधायक से पूछताछ भी की. इस कार्रवाई के दौरान मूनसिटी के बाहर पैरामिलिट्रि फोर्स के साथ ही पीएसी को तैनात कर दिया गया. हर आने-जाने वाले की निगरानी रखी गई.
कई संपत्तियों के मिले रिकॉर्ड
मून सिटी में आवास से टीम को महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस सहित कई संपत्तियों के रिकॉर्ड भी मिले. जिनको कब्जे में लेकर टीम पूर्व विधायक से पूछताछ कर रही है. प्रारंभिक जांच में एजेंसी को पता चला है कि कथित अपराध से अर्जित धन को रियल एस्टेट, निर्माण और अन्य व्यावसायिक कंपनी तथा एलएलपी के नैटवर्क के माध्यम से खपाया और धन शोधन किया गया.
अपराधों से संबंधित 23 से अधिक एफआईआर
ईडी के अनुसार, मामले में पीएमएलए के तहत सूचीबद्ध अपराधों से संबंधित 23 से अधिक एफआईआर शामिल हैं. इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता/भारतीय दण्ड संहिता, उत्तर प्रदेश गैंग्स्टर्स एक्ट और गुंडा एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में लगभग 60 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी भी जांच में सामने आई है. इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी, हत्या के प्रयास और डकैती जैसे गम्भीर आरोप शामिल हैं. ईडी की टीम ने आरोपित, परिजनों तथा उनसे जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर तलाशी ली है.

