EU-Iran Row: रविवार को ईरान की संसद अध्यक्ष ने कहा कि इस्लामी गणराज्य अब यूरोपीय संघ के सभी सैन्य बलों को आतंकवादी समूह मानता है. मोहम्मद बगेर कलीबाफ की यह टिप्पणी पिछले सप्ताह यूरोपीय संघ द्वारा ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड को देश में राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शनों पर खूनी दमन में उसकी भूमिका के लिए एक आतंकवादी समूह के रूप में सूचीबद्ध करने के समझौते के बाद आई है.
इस घोषणा के लिए कलीबाफ ने 2019 के एक कानून का हवाला दिया
इस घोषणा के लिए कलीबाफ ने 2019 के एक कानून का हवाला दिया. यह कानून अमेरिका द्वारा गार्ड को आतंकवादी समूह घोषित करने के बाद पारित किया गया था. यह ईरान को ऐसे किसी भी राष्ट्र के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने की अनुमति देता है, जो इस निर्णय का अनुसरण करता है. कलीबाफ ने यह घोषणा तब की, जब वह और अन्य लोग संसद में गार्ड की वर्दी पहने हुए थे. कलीबाफ गार्ड में कमांडर थे.
ईरान संसद में लगे अमेरिका-इस्राइल मुर्दाबाद के नारे
हालांकि, यह ऐसे समय में हो रहा है, जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य हमले पर विचार कर रहे हैं. इस्लामिक गणराज्य ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में रविवार और सोमवार को सैन्य अभ्यास की योजना भी बनाई है, जो फारस की खाड़ी का संकरा मुहाना है, जिससे होकर तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता है. कलिबफ ने कहा कि यूरोप में आतंकवाद के प्रसार में सबसे बड़ी बाधा रही (गार्ड) पर हमला करने की कोशिश कर, यूरोपीय लोगों ने वास्तव में अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है. अमेरिकियों के प्रति अंध आज्ञाकारिता के माध्यम से एक बार फिर अपने ही लोगों के हितों के खिलाफ फैसला लिया है. इसके बाद सत्र में उपस्थित सांसदों ने “अमेरिका मुर्दाबाद!” और “इस्राइल मुर्दाबाद!” के नारे लगाए.

