Fatehpur: दर्द भरी है दिव्यांग ननकू की कहानी, भीख के भरोसे भरता हैं पिता-पुत्र का पेट

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Fatehpur News: फतेहपुर जिले के बांदा-टांडा हाईवे स्थित जिंदपुर टोल प्लाजा के पास से गुजर रहे लोगों की चाल उस समय धीमी होने के साथ ही नजरें स्थित हो जाती है, जब उनकी निगाहे सड़क किनारे भीख मांगने के लिए बैठे बेबस दिव्यांग ननकू पर पड़ती हैं. पिता की माने तो सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने से बेटा ननकू भीख मांगने को विवश है. उसके भीख के पैसे से घर का चूल्हा जलता हैं.

तीखी धूप में खुले आसमान के नीचे भीख मांगता है बेबस ननकू

शरीर से असहाय ननकू अपना और पिता का पेट भरने के लिए सुबह ही बांदा-टांडा हाईवे स्थित जिंदपुर टोल प्लाजा के पास सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे बैठ जाता है. तीखी धूप के बीच उसकी निगाहे इस आस में आने-जाने वालों पर लगी रहती है शायद वह उसके पास आए और कुछ मदद कर दें. तमाम लोग उसकी मदद भी करते है. कभी कुछ लोग इंसानियत की परिचय देते हुए ननकू को शीतल पेय सहित बिस्किट आदि खिला देते हैं.

भीख मांगने के लिए साइकिल से ननकू को हाईवे किनारे लाते हैं पिता

30 वर्षीय दिव्यांग ननकू पुत्र छेदीलाल की शारीरिक स्थिति बेहद गंभीर है. वह स्वयं चल-फिर नहीं सकता, हाथ-पैर ठीक से काम नहीं करते और बोलने में भी असमर्थ है. परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि उसके वृद्ध पिता उसे साइकिल पर बैठाकर हाईवे किनारे लाते हैं. पूरे दिन बेटा खुले आसमान के नीचे भीख मांगता है और शाम को फिर पिता साइकिल से उसे घर ले जाते है. लोगों से मदद मांगकर किसी तरह पिता-पुत्र के पेट की आग बूझती है.

परिजनों का यह है आरोप

परिजनों का आरोप है कि ननकू की विकलांग पेंशन लंबे समय से बंद है, राशन कार्ड से उसका नाम भी काट दिया गया है. उसे आज तक ट्राइसाइकिल सहित किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला, जबकि सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं.

ननकू का बड़ा भाई भी था दिव्यांग

ननकू के बड़े भाई भी दिव्यांग थे और वर्षों तक सड़क किनारे भीख मांगकर परिवार का पालन-पोषण करते रहे. किसी सरकारी सहायता का लाभ न मिलने के बीच दो वर्ष पूर्व उनकी मृत्यु हो गई. अब परिवार में सिर्फ पिता और पुत्र ननकू ही बचे हैं, जो अभावों में जीवन गुजार रहे हैं. मार्ग से रोजाना जिले के तमाम अधिकारी और जनप्रतिनिधि गुजरते हैं, लेकिन किसी ने भी इस दिव्यांग की समस्याओं की सुध नहीं ली.

जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रगति मिश्रा ने कहा…

ननकू के बेबसी के बारे में जब जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रगति मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने कहा, “ननकू की स्थिति को देखते हुए वह व्हीलचेयर प्राप्त करने की पात्रता रखता है. हम इस बात की जांच करेंगे कि अब तक उसे व्हीलचेयर क्यों नहीं मिल पाई और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराकर उसे व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाएगी. जहां तक दिव्यांग पेंशन का सवाल है, आधार कार्ड एवं अन्य अभिलेखों की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि पेंशन में कोई तकनीकी या अन्य समस्या है या नहीं. जांच के उपरांत जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, उसे प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा, ताकि पात्र व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके.”

(रिपोर्ट, यश द्विवेदी)

Latest News

Aaj Ka Rashifal: आज किस राशि पर होगी महादेव की विशेष कृपा, जानें पूरा राशिफल

Aaj Ka Rashifal, 10 August 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन हैं. हर राशि का अपना...

More Articles Like This

Exit mobile version