गोमती नदी उफान परः लखनऊ में बाढ़, कई इलाकों में घुसा पानी, बढ़ी लोगों की परेशानी, देखे तस्वीरें

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Flood In Lucknow: लखनऊ में गोमती नदी उफान पर है. जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. इकाना स्टेडियम के बाहर पानी भरा है. गोमती रिवरफ्रंट पानी में डूबा हुआ है. मंजर कितनी तेजी से बदल सकता है, इसकी बानगी बुधवार शाम गोमतीनगर विस्तार में देखने को मिली. जिस इकाना स्टेडियम में मंगलवार रात भारत-वेस्टइंडीज का रोमांच देखने के लिए करीब 48 हजार क्रिकेट प्रेमी जुटे थे, ठीक 24 घंटे बाद उसी इलाके की सड़कें पानी में डूब गईं.

गोमती नदी के बढ़े जलस्तर का असर रात होते-होते इतना बढ़ गया कि प्लासियो मॉल के सामने की दोनों लेन पूरी तरह पानी में डूब गए. मुख्य सड़क दरिया जैसी नजर आने लगी.

Floods in Lucknow: Where the thrill of cricket reigned two days ago, the surging Gomti is now visible.

शाम 8 बजे तक सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया. इससे वाहनों की रफ्तार थम गई. सुबह सूखी सड़क से ड्यूटी पर पहुंचीं प्लासियो मॉल की महिला कर्मचारियों और आसपास के दफ्तरों में काम करने वालों के लिए घर लौटना मुश्किल हो गया. पैदल निकलने की जगह नहीं बची और सार्वजनिक परिवहन भी नदारद रहा.

गोमतीनगर विस्तार में नदी के पानी का प्रवेश रोका

गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-7 और इकाना स्टेडियम के आसपास पहुंचे पानी को रिहायशी क्षेत्र में बढ़ने से रोकने के लिए एलडीए ने इकाना स्टेडियम के पीछे बोल्डर और मिट्टी से अस्थायी बांध बनाया है. इसके जरिए करीब ढाई घंटे में पानी का नया प्रवाह रोक दिया गया. इसके बाद क्षेत्र में जलस्तर करीब छह इंच कम हुआ. एहतियात के तौर पर सेक्टर-7 के अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी मिट्टी डालकर अवरोध बनाए गए हैं. एलडीए की टीमें क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी कर रही हैं.

20 कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति ठप

बाढ़ की वजह से फैजुल्लागंज की करीब 20 कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति बंद है. इनमें पवन विहार, मामा कॉलोनी, कैलाश विहार, गोमती विहार, दुर्गापुरी, भार्गव कॉलोनी, अक्षय विहार, चौबे डेयरी, शिव शक्ति नगर, शिव विहार, पतंग मैदान, श्रीराम विहार, रामनगर, विष्णु विहार, जैन कॉलोनी, गणेश विहार, नंदा फार्म, संतकबीर नगर और कृष्ण लोक कॉलोनी शामिल हैं. वार्ड दो और चार में भी बाढ़ प्रभावित इलाकों के ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति ठप है.

IIIT में घुसा बाढ़ का पानी, परीक्षाएं स्थगित

आईआईआईटी परिसर में भी गोमती का पानी प्रवेश कर गया है. इस कारण संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियां अगले आदेश तक बंद कर दी गई हैं. बुधवार को होने वाली एमटेक परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गईं. छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए हॉस्टल खाली कराकर छात्राओं को कैंसर अस्पताल और छात्रों को गोल्फ सिटी स्थित हॉस्टल में भेजा गया. स्थिति का जायजा लेने जिलाधिकारी विशाख जी और एसडीएम मौके पर पहुंचे.

अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और छात्रों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. निचले इलाके में स्थित परिसर में पानी भरने से छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा. प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है. संस्थान के सहायक कुलसचिव विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित की गई हैं. सुरक्षा के मद्देनजर हॉस्टल की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई है.

फैजुल्लागंज में 52 नावें

गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच जिलाधिकारी विशाख जी ने बुधवार को फैजुल्लागंज के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया. उन्होंने प्रभावित नागरिकों से बातचीत कर समस्याएं जानीं और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए. फैजुल्लागंज में 52 नावें संचालित की जा रही हैं. इन्हें निर्धारित रूट पर चलाने और संवेदनशील इलाकों में नियमित भ्रमण के निर्देश दिए गए हैं.

डीएम ने बताया कि प्रभावित नागरिकों के लिए चार राहत शिविर स्थापित किए हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीमें दवाओं की किट वितरित कर रही हैं. संवेदनशील क्षेत्रों में रात में पुलिस गश्त और कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है. सांप व अन्य जीव-जंतुओं के बचाव के लिए वन विभाग की टीम भी तैनात है.

दुबग्गा के 3 हजार घरों में घुसा बाढ़ का पानी 

दुबग्गा के लालजी टंडन वार्ड क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. हयात नगर न्यू कॉलोनी से 40 से अधिक परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. वहीं, टाड़खेड़ा, सैथा, उमरावखेड़ा, गुलमीखेड़ा, सुखलालखेड़ा और धनसिंहखेड़ा सहित दर्जन भर गांव के करीब तीन हजार घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है.

जोनल अधिकारी अमरजीत यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही नाव से परिवारों को गृहस्थी समेत सुरक्षित निकालकर रैन बसेरों में पहुंचाया जा रहा है. उमरावखेड़ा में पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है. सीएचसी अधीक्षक केडी मिश्रा ने बताया कि बुधवार को 134 किट विभिन्न दवाएं वितरित की गईं. तीन दिनों में 807 किट बांटी जा चुकी है.

डॉक्टरों की टीम अब तक 257 घरों का सर्वे कर चुकी है और मरीजों की जांच कर दवाएं दी जा रही हैं. दो गर्भवती महिलाओं को सीएचसी भेजा गया, जिसमें सैथा की महिला का सामान्य प्रसव हुआ. जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं. कुल मिलाकर जिन इलाकों में बाढ़ का पानी घुसा है, वहां के लोग मुश्किलों में जीने को विवश हैं.

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