जेल में कैसे बीत रहे इमरान खान के दिन?: पूर्व पाक PM से वकील ने की मुलाकात, कोर्ट को सौंपेंगे रिपोर्ट

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Pakistan: वर्षों से पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जेल में बंद हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उनकी स्थिति जानने के लिए तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अधिवक्ता सलमान सफदर को ‘कोर्ट का दोस्त’ (एमिकस क्यूरी) नियुक्त किया है. इस आदेश के बाद सलमान सफदर ने मंगलवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल में जाकर इमरान खान से मुलाकात की.

करीब तीन घंटे तक चली मुलाकात

डॉन के अनुसार, यह मुलाकात करीब तीन घंटे तक चली. जेल से बाहर आने के बाद सफदर ने मीडिया को बताया कि इमरान खान ठीक हैं और स्वस्थ दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह मुलाकात के बारे में ज्यादा जानकारी अभी नहीं दे सकते, क्योंकि उन्हें अपनी रिपोर्ट सीधे कोर्ट को सौंपनी है. कोर्ट ने उन्हें बुधवार तक इमरान के रहने के हालात पर लिखित रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.

इससे पहले चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी और जस्टिस शाहिद बिलाल हसन की बेंच ने पीटीआई नेता लतीफ खोसा की उस अर्जी को ठुकरा दिया था, जिसमें उन्होंने इमरान से तुरंत मिलने की मांग की थी. बेंच ने कहा कि दूसरे पक्ष को सुने बिना ऐसा आदेश नहीं दिया जा सकता. इसके बाद कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया और दोबारा शुरू हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस अफरीदी ने सलमान सफदर को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया और उन्हें रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया.

सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान ने बताया कि अगस्त 2023 में इमरान खान की सेहत और जेल के हालात पर एक रिपोर्ट दी गई थी. हालांकि, चीफ जस्टिस ने कहा कि वह रिपोर्ट अटक जेल से संबंधित थी. अब इमरान अदियाला जेल में हैं, इसलिए वहां के मौजूदा हालात की नई रिपोर्ट जरूरी है. कोर्ट ने साफ किया कि सलमान सफदर को इमरान से पूरी तरह मिलने दिया जाए और उन्हें जेल के बाहर इंतजार न कराया जाए. इस मामले पर कोर्ट अब 12 फरवरी को अगली सुनवाई करेगा.

हाल ही में पीटीआई ने लगाए थे आरोप
हाल ही में पीटीआई ने आरोप लगाया था कि इमरान खान के साथ जेल में खराब बर्ताव हो रहा है. पार्टी का कहना है कि अस्पताल में इमरान का कोई गुप्त मेडिकल प्रोसीजर किया गया और उनके परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी गई. पीटीआई ने मांग की है कि इमरान को उनके डॉक्टरों, वकीलों और परिवार से मिलने की इजाजत दी जाए.

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