रूसी हमले में चार भारतीयों की मौत पर भारत का कड़ा रुख, रूस के राजनयिक को विदेश मंत्रालय ने किया तलब

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

नई दिल्लीः भारत ने यूक्रेन के तट पर रूसी हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत पर कड़ा रुख अपनाया है. मंगलवार को भारत ने रूस के चार्ज डी’अफेयर्स (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया है.

मालूम हो कि ‘एमवी गोल्डन लियो’ नाम के इस जहाज पर रविवार को हमला हुआ था, जब वह यूक्रेन के दक्षिणी बंदरगाह ओडेसा से निकला था. भारत ने सोमवार को गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मर्चेंट जहाज पर हुए हमले की निंदा की, जिसमें जहाज पर सवार 10 नाविकों की मौत हो गई थी. साथ ही भारत ने संघर्ष के दौरान कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाए जाने को रोकने की अपनी मांग को फिर से दोहराया.

क्या कहा विदेश मंत्रालय ने?

एक बयान में विदेश मंत्रालय ने रूस का नाम लिए बिना कहा, “भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है और दोहराता है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना और निर्दोष आम नागरिकों (क्रू सदस्यों) की जान जोखिम में डालना या नेविगेशन और व्यापार की आजादी में बाधा डालना निंदनीय है और ऐसा नहीं किया जाना चाहिए.”

रूस-यूक्रेन संघर्ष में भारतीय नाविकों की मौत का यह पहला मामला है. हाल के हफ्तों में होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर ईरानी और अमेरिकी हमलों में आधे दर्जन से अधिक भारतीय नाविकों की मौत को लेकर भारत पहले ही ईरान और अमेरिका के सामने कड़ा विरोध जाहिर कर चुका है.

क्या हुआ एमवी गोल्डन लियो के साथ?

यूक्रेनी नौसेना के मुताबिक, रूस ने गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले जहाज पर तीन क्रूज मिसाइलों से हमला किया. इस जहाज पर भारत और सीरिया के क्रू सदस्य सवार थे. यूक्रेनी वायु सेना ने बताया कि रूसी क्रूज मिसाइलों के हमले से जहाज में आग लग गई.

इसके बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि इस घटना में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई और एक व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. एमवी गोल्डन लियो एक जनरल कार्गो शिप था और घटना के समय इस पर 17 क्रू मेंबर सवार थे.

यूक्रेन के सीपोर्ट अथॉरिटी ने सोमवार को बताया कि मरने वालों में गोल्डन लियो के नौ क्रू मेंबर और पोर्ट का एक यूक्रेनी पायलट शामिल था. रॉयटर्स द्वारा बताए गए डेटा के मुताबिक, एमवी गोल्डन लियो मुंबई की कंपनी ओशन ग्रेस शिपिंग लिमिटेड की है. हाल के हफ्तों में रूस के हमले तेज होने के कारण ओडेसा इलाके और यूक्रेन के समुद्री रास्ते से सामान भेजने वाले आखिरी बचे कॉरिडोर पर लगातार हमले हो रहे हैं.

मॉस्को ने उन विदेशी झंडे वाले कार्गो जहाजों पर हमला किया है, जो रोमानिया और बुल्गारिया के तट से होते हुए तुर्की तक सामान ले जाते हैं. यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने इस हमले की पुष्टि की है.

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