Iran Drone Attack UAE: इजरायल-अमेरिका गठबंधन और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है. संयुक्त राज्य अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में 5,000 पाउंड के बम गिराए हैं. इसके साथ ही इजरायल ने भी ईरान के कई शहरों पर भारी मात्रा में बम बरसाए है. इस बमबारी में तेहरान के दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता अली लारीजानी शहीद हो गए.
अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान ने इजरायली और अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों की बारिश कर दी. UAE पर ईरान ने ड्रोन से हमला किया है. ऑस्ट्रेलियाई सरकार के रक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि बुधवार की सुबह संयुक्त अरब अमीरात में अल मिन्हाद एयर बेस के एक इलाके पर ईरान का हमला हुआ. इस सैन्य अड्डे पर ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (ADF) के जवान तैनात हैं. यह हमला दिन के शुरुआती घंटों में हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया.
एक आधिकारिक बयान जारी कर ऑस्ट्रेलियाई रक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि इस हमले में कोई भी ऑस्ट्रेलियाई सैनिक घायल नहीं हुआ है और सभी जवान सुरक्षित हैं, लेकिन इस हमले के कारण अड्डे के भीतर कुछ भौतिक नुकसान जरूर हुआ है. रिपोर्टों के मुताबिक, ऑस्ट्रेलियाई क्षेत्र में स्थित आवास ब्लॉक और चिकित्सा इकाई को मामूली नुकसान पहुंचा है.
क्या कहा प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने?
इस घटना की पुष्टि करते हुए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने बताया कि सुबह लगभग 9:15 बजे एक ईरानी मिसाइल अड्डे के पास एक सड़क पर गिरी, जिससे आग लग गई. इसी आग के कारण अड्डे के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा. हालांकि, इस चरण पर यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यह हमला मिसाइल से किया गया था या ड्रोन से. इस सैन्य अड्डे को ADF के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां वर्तमान में 100 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई सैनिक तैनात हैं. इसके अतिरिक्त इस अड्डे पर ब्रिटिश और अमेरिकी सैन्य बलों की भी सीमित उपस्थिति है. यह सैन्य अभियानों, रसद, निगरानी और प्रशिक्षण के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करता है.